बीसलपुर। मुंसिफ न्यायालय ने सहकारी चीनी मिल में हंगामा कर कर्मचारियों को कमरे में बंद करने के मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी किसानों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
वर्ष 2008 में किसान सहकारी चीनी मिल के तत्कालीन प्रधान प्रबंधक मुश्ताक अली ने कोतवाली में कुछ किसानों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें मोहम्मद हनीफ, मोहम्मद साबिर उर्फ गुल्लू पहलवान, रोहिताश कुमार, विशाल, लईक अहमद, मोहम्मद निसार, एनुद्दीन और रियाजुद्दीन को आरोपी बनाया गया था।
आरोपी रोहिताश कुमार गांव रमपुरा नगरिया का है। अन्य सभी आरोपी मोहल्ला ग्यासपुर के रहने वाले हैं। प्राथमिकी में इन किसानों पर मिल परिसर की शांतिभंग करने, खराब गुणवत्ता वाला गन्ना तौलने के लिए दबाव बनाने, उत्पात मचाने, कर्मचारियों को कमरे में बंद करने और झगड़ा करने के आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने अपनी विवेचना कर आरोप पत्र मुंसिफ न्यायालय में दाखिल किया। मुंसिफ न्यायालय में मजिस्ट्रेट दुष्यंत कुमार शर्मा ने मामले की सुनवाई की। फैसला सुनाते हुए साक्ष्य के अभाव में सभी को बरी कर दिया है।