पीलीभीत। जुलाई भर की मानसून की मार शहर की सड़कें झेल ही नहीं पाईं। 20 दिन की बरसात से हाईवे सहित मुख्य मार्ग जगह-जगह से उखड़ कर गहरे गड्ढों में तब्दील हो गए। इससे अब टनकपुर हाईवे से लेकर शहर की सड़कों की तस्वीर बदल गई है।
शहर से निकलते टनकपुर हाईवे के करीब पांच किलोमीटर के हिस्से में 40 से अधिक गहरे गड्ढे बन गए हैं। शहर के अंदर कई मार्गों पर गहरे गड्ढों से आम राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संवाद न्यूज एजेंसी टीम ने बुधवार को इसको लेकर पड़ताल की तो यह दृश्य सामने आए हैं। वहीं, कुछ लोगों ने इन सड़कों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठा दिए हैं।
हैरत की बात यह है कि इन गहरे गड्ढों को भरने के नाम पर जिम्मेदार खानापूरी कर रहे हैं, जिससे सड़कों की दुर्दशा हो रही है। अगर समय रहते इन गड्ढों को नहीं भरा गया तो बरसात में यह हादसे का कारण भी बन सकते हैं। संवाद
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शहर में नई सड़कों का पुनर्निर्माण हुआ है। अब बरसात के बाद फिर से नई सड़कों का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, जहां गड्ढे हुए उनको चिह्नित करके भरवाया जाएगा। - संजीव कुमार, ईओ, नगर पालिका
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ठेका चौकी मार्ग पर जलभराव
शहर के ठेका चौकी से शेरो वाली मठिया तक जाने वाला मार्ग पर बारिश के चलते लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता है। इससे मार्ग पर भी कई गड्ढे हैं, जहां से गुजरने के दौरान लोगों को झटके झेलने पड़ते हैं। अब हालत है कि इस मार्ग से लोगों ने रात में निकलना ही बंद कर दिया है। इस मार्ग को बनवाने के लिए लोगों ने प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
टनकपुर हाईवे पर पांच किमी. में 40 गड्ढे
जुलाई से हो रही बरसात ने टनकपुर हाईवे को भी अपनी जद में ले लिया। संवाद न्यूज एजेंसी टीम ने जब इस पर भ्रमण किया तो शहर के नौगवां चौराहे से लेकर कचहरी के एक किलोमीटर के आगे बने पुराना पीलीभीत गांव तक टनकपुर हाईवे पर लगभग 40 गहरे गड्ढे हो गए हैं। इन गड्ढों में अब हादसे का खतरा बढ़ रहा है। इनकी गहराई से लोगों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है। हाईवे के पीडब्लूडी प्रांतीय कार्यालय, डीएम आवास के करीब, नकटादाना, नेहरू पार्क मार्ग व गौहनियां चौराहे के करीब गड्ढे सर्वाधिक हैं।
शाहजी मियां मजार जाने वाले मार्ग पर 40 गड्ढे
वैसे तो इस मार्ग से रोज हजारों अकीदतमंद शाहजी मियां की मजार तक पहुंचते हैं, लेकिन इन दिनों इस मार्ग पर आवागमन लोगों को दिक्कत में डाल रहा है। मार्ग की पुनर्निर्माण नहीं होने के चलते मार्ग गहरे गड्ढों में तब्दील हो गया है। दो पहिया वाहन चालकों को रोज मार्ग बदलकर मजार तक पहुंचना पड़ रहा है। अब इस मार्ग पर लगभग 40 गड्ढे बन चुके हैं।
टनकपुर हाइवे पर बना गहरा गड्ढा। संवाद
टनकपुर हाइवे पर बना गहरा गड्ढा। संवाद
टनकपुर हाइवे पर बना गहरा गड्ढा। संवाद