पीलीभीत। शहर के दिन बहुरने वाले हैं। चौड़ी सड़कें, बेहतर पथ-प्रकाश, पेयजल और जल निकासी के इंतजाम भी बेहतर होंगे। कई अन्य विकास कार्य भी कराए जाएंगे। शहर को स्मार्ट बनाने का यह कार्य नवयुग पालिका योजना से किया जाएगा। पीलीभीत नगर पालिका का स्मार्ट पालिका में चयन कुछ माह पूर्व ही हो चुका है। प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में छोटे शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने की मंजूरी मिलने के बाद शहर के स्मार्ट बनने की कवायद भी तेज हो गई है।
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर वर्ष 2025 में प्रदेश की पांच नगर पालिका परिषद को स्मार्ट नगर पालिका में चुना गया था। इसमें पीलीभीत का भी नाम शामिल किया गया था। मई 2025 में छह सदस्यीय टीम ने शहर का भ्रमण कर सड़कों की स्थिति, पेयजल, प्रकाश व अन्य व्यवस्थाएं देखी थीं। इसके बाद नगरपालिका अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल के साथ बैठक कर जरूरी जानकारी ली। प्रस्ताव और सुझाव के साथ टीम लौट गई थी। इसके बाद शहर को स्मार्ट बनाने की कवायद शुरू हो गई।
सोमवार को प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में नवयुग पालिका योजना से प्रदेश के 58 छोटे शहरों का कायाकल्प करने की योजना को मंजूरी मिली है। इस योजना से पीलीभीत का भी कायाकल्प होगा। नगरपालिका अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल ने बताया कि शहर को स्मार्ट बनाने की रूपरेखा पूर्व में ही तय हो चुकी है।
जलनिकासी और अतिक्रमण बड़ी समस्या, पथ प्रकाश भी अहम
शहर में नगर पालिका लगातार विकास कार्य कराए जाने का दावा कर रही है। कई कार्य हो भी चुके हैं। जलनिकासी और बाजार में अतिक्रमण शहर की प्रमुख समस्या है। बरसात के समय कई मोहल्ले जलमग्न हो जाते हैं। अतिक्रमण की वजह से दिन के समय शहर की बाजार की सड़कों से निकलना मुश्किल होता है। स्मार्ट शहर बनने के लिए इन समस्याओं का समाधान भी जरूरी है। इसके अलावा पथ प्रकाश और सफाई व्यवस्था पर अभी और काम करने की जरूरत है।
शहर में कराए जाएंगे यह विकास कार्य
- सभी प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण कराए जाने की योजना है।
- पथ प्रकाश (स्ट्रीट लाइट) की व्यवस्था को और बेहतर किया जाएगा।
- शहर के सभी प्रमुख चौराहों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
- छुट्टा पशुओं की समस्या से निजात के लिए गोशाला का निर्माण होगा।
- लावारिस कुत्तों के लिए शेल्टर होम के निर्माण की प्रक्रिया तेज होगी।
- प्रमुख मार्गों के किनारे के पार्कों का विकास किया जाएगा।
- जल निकासी की व्यवस्था बेहतर होगी। शहर के प्रवेश प्वाइंट काे बेहतर बनाया जाएगा।
- साफ-सफाई और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर कार्य होगा।
ये हैं आंकड़े
- 27 वार्ड हैं पीलीभीत नगरपालिका में।
- 49 मोहल्ले हैं शहर में।
- 2 लाख से अधिक आबादी है शहर की।
- 17 पंप हाउस हैं पेयजल आपूर्ति के लिए।
- 02 प्रमुख हाईवे गुजरते हैं शहर से (असम और टनकपुर हाईवे)।
- 04 प्रमुख चौराहे हैं शहर में (टनकपुर हाईवे पर)।
वर्जन
पीलीभीत को स्मार्ट नगरपालिका योजना में शामिल किया जा चुका है। टीम निरीक्षण भी कर चुकी है। इसमें सड़कों का चौड़ीकरण, सीसीटीवी, प्रकाश, पेयजल आदि विकास कार्य कराए जाएंगे। शहर को स्मार्ट बनाया जाएगा।- डॉ. आस्था अग्रवाल, नगरपालिका अध्यक्ष पीलीभीत