पीलीभीत। कलक्ट्रेट परिसर में जिला पंचायत कार्यालय के सामने खंभे पर फॉल्ट ठीक करते समय करंट लगने से गिरकर संविदा लाइनमैन विजय राठौर की मौत के मामले में डीएम ने भी जांच कमेटी गठित की है। नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली कमेटी पूरे प्रकरण की जांच कर डीएम को रिपोर्ट सौंपेगी। कमेटी में नगर मजिस्ट्रेट के साथ अधिशासी अभियंता विद्युत और एक एई को भी शामिल किया गया है।
आशंका यह जताई जा रही है कि जनरेटर का करंट लाइन में आया और उसका करंट लगने के बाद लाइनमैन सिर के बल परिसर में गिरा और उनकी मौत हो गई। इस बीच किसी पर जेनरेटर चालू करने का शक है। इसकी तहकीकात के लिए डीएम ने कमेटी बनाई है।
डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मंगलवार की शाम करीब 3़ 59 बजे घटना हुई थी। परिसर के सीसीटीवी कैमरे चेक किए। उसमें मालूम हुआ कि लाइनमैन के गिरने से 14 मिनट बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई थी। डीएम ने घटना की गंभीरता को लेकर एंबुलेंस सेवा की जिले में मॉनीटरिंग करने वाले जिम्मेदारों को बुलाया और रिस्पांस टाइम बिगड़ने पर जमकर नाराजगी जताई।
डीएम ने जिम्मेदारों से कहा कि एंबुलेंस को पांच मिनट में पहुंच जाना चाहिए था। इसके बाद डीएम ने कलक्ट्रेट और जिला पंचायत कार्यालय के कर्मचारियों को भी बुलाकर सख्त निर्देश दिए कि ऐसी घटना में तत्काल मदद करनी चाहिए। कर्मचारी गिर गया तो उसे तत्काल ले जाना चाहिए था। उस वक्त कर्मचारी कम ही कलेक्ट्रेट और जिला पंचायत कार्यालय में रह होंगे। डीएम ने बताया कि घटना की पूरी सत्यता जानने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी कई बिंदुओं पर जांच करेगी। जांच में जो भी कर्मचारी या अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि बीते मंगलवार की शाम संविदा लाइनमैन विजय राठौर की खंभे पर फाल्ट ठीक करने के दौरान करंट लगने से नीचे गिरकर मौत हो गई थी।
विजय की पत्नी को संविदा पर नौकरी दिलाने के प्रयास होंगे
डीएम ने बताया कि मृ़तक संविदा लाइनमैन विजय राठौर के बेटे को मुख्यमंत्री बाल योजना का लाभ दिलाया जाएगा। उसमें बच्चे को ढाई हजार रुपये प्रति माह मिलेगा। पत्नी को एक हजार रुपये पेंशन दी जाएगी। विजय की पत्नी को संविदा पर नौकरी दिलाने के प्रयास किए जाएंगे ताकि जीवनयापन में दिक्कत न आए। ऊर्जा निगम की ओर से साढ़े सात लाख रुपये भी दिए जा रहे हैं। संवाद