बुखार से पीड़ित बालक की इलाज को बरेली ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। वहीं दिमागी बुखार की संभावना के चलते एक युवक समेत चार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिले में बुखार से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। माधोटांडा क्षेत्र के गांव पुरैना निवासी रामपत के 15 वर्षीय पुत्र सुखदेव को करीब पांच दिन पूर्व बुखार आया था। रामपत ने बताया कि बुखार तेज होने पर सुखदेव को शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां फायदा न होने पर उसे डॉक्टर ने बरेली रेफर कर दिया। बृहस्पतिवार शाम बरेली ले जाते समय रास्ते में सुखदेव ने दम तोड़ दिया। बालक की मौत की सूचना पर उसके घर कोहराम मच गया।
इधर दिमागी बुखार की आशंका पर एक युवक समेत चार लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बिलसंडा ब्लाक क्षेत्र के गांव पसगंवा निवासी रामप्रसाद के सात वर्षीय पुत्र धीरज, सड़िया मुगलपुर निवासी राकेश की दस वर्षीय पुत्री शिवानी, पसियापुर निवासी महानंद के एक वर्षीय पुत्र किशन व गांव ऐमी निवासी दुलीराम के 21 वर्षीय पुत्र विनोद को बुखार के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस संबंध में सीएमएस डॉ. आरसी शर्मा ने बताया कि भर्ती बच्चों का परीक्षण कराया जा चुका है। इनमें दिमागी बुखार के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं। अधिकतर वायरल बुखार से पीड़ित है। डॉक्टरों को पीड़ित बच्चों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।