विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों की अनदेखी के चलते गांव मुडगवां के पास ईंटगांव रजवाहा नहर पिछले पांच दिनों से कटी पड़ी है, जिसका पानी आसपास के किसानों के खेतों में भर कर कहर बरपा रहा है। कई किसानों की कटी धान की फसल खेत में भरे पानी में डूब कर बर्बाद हो रही है। शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी मौन हैं।
ईंटगांव रजवाहा नहर पांच दिन पूर्व गांव मुडगवां के पास कट गई थी। गांव के लोगों ने विभागीय कर्मचारियों को उसी दिन सेलफोन पर इसकी सूचना देते हुए इसे बंद किए जाने की मांग की थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसके चलते कटी नहर का पानी आसपास के किसानों के खेतों में भर कर कहर बरपा रहा है। नहर का पानी मुडग़वां के अलावा पड़ोसी गांव बुधौली और टेढ़ा श्रीराम के किसानों के खेतों में खड़ी व कटी धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहा है। नहर विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की अनदेखी को लेकर किसानों में रोष है।
धान की पकी फसल हुई बर्बाद
कम बारिश होने के कारण धान की फसल वैसे ही प्रभावित थी। नहर का पानी खेत में भर जाने से पकी धान की फसल गिर कर बर्बाद हो गई।
रामासरे, गांव मुडगवां निवासी
नहर विभाग दे मुआवजा
नहर के पानी से क्षेत्र के कई किसानों की फसल बर्बाद हुई है। इस लिए नियमानुसार क्षतिग्रस्त होने वाली फसल का मुआवजा नहर विभाग के अधिकारियों को देना चाहिए।
रामस्वरूप, गांव बुधौली
कर्मचारियों को किया जाए दंडित
जिस दिन नहर कटी थी उसकी सूचना उसी दिन विभागीय अधिकारियों को देते हुए उसे बंद कराने की मांग की गई थी, लेकिन इसके बावजूद नहर नहीं बंधी। इसके लिए दोषी कर्मचारियों को दंडित किया जाना चाहिए।
रामसहाय, श्रीराम गांव टेढ़ा