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Pilibhit News: भवन तैयार... खत्म नहीं हुआ उपकरणों का इंतजार

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कहने को विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं... प्रधानमंत्री के कार्यकाल के नौ वर्ष पूरे होने पर शहर से लेकर गांव तक लोगों को विकास कार्य गिनाए जा रहे हैं... लेकिन, तस्वीर का दूसरा रुख भी है जो शायद सिस्टम देखना नहीं चाहता। जिले की सबसे समृद्ध व बड़ी तहसील पूरनपुर में विकास के नाम पर इमारतें खड़ी कर दी गईं लेकिन वे किसी काम की नहीं हैं। कारण उनमें जरूरी उपकरण नहीं लगे। क्यों.... इस सवाल पर जिम्मेदार टालमटोल कर रहे हैं और जनता इन भवनों में चालू होने से मिलने वाली सुविधाओं की ओर टकटकी लगाए हुए है।
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पूरनपुर । तहसील में विकास के नाम पर तीन बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए गए। महिला अस्पताल, एमएआरएफ सेंटर और मल्टीपरपज हॉल बनाए जाने से लोगों को उम्मीद थी कि रोगियों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। शहर साफ रहेगा और खिलाड़ियों को अभ्यास की एक अच्छी जगह नसीब होगी।
लेकिन, खिलाड़ियाें के लिए मल्टीपरपज हॉल बने एक साल हो चुका लेकिन यहां न प्रिशिक्षक है न खेल के साधन। 50 बेड का महिला अस्पताल लगभग बनकर तैयार है लेकिन यहां अभी तक फर्नीचर ही नहीं आ सका है। कब आएगा इसका भी कोई अता-पता नहीं। मुझा रोड पर एमआरएफ सेंटर तो बना डाला, मशीनें भी आ गई तो यहां बिजली का कनेक्शन लेना ही भूल गए। मतलब साफ है कि विकास के नाम पर लापरवाही का पलीता लग रहा है।
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मल्टी परपज हॉल : न संसाधन न प्रशिक्षक

फोटो २७ पीबीटीपी ३१


गांव सिमरिया ताल्लुके महाराजपुर में आठ करोड़ रुपये की लागत से खिलाड़ियों के लिए मल्टीपरपज हाल का निर्माण कराया गया था। इसका लोकार्पण साल भर पहले हो चुका है। अब तक खेलकूद शुरू नहीं हो सके। इसका कारण भवन में उपकरणों का स्थापित नहीं किया जाना है और प्रकाश-पानी के बाकी इंतजाम का न होना है। खेल प्रशिक्षक की भी तैनाती नहीं हुई।



वर्जन-



खेलों के लिए सामान खरीदने को अभी समिति बननी है। समिति का खाता खुल जाने पर संसाधन खरीदे जाएंगे। जरूरत पड़ी तो खेलों के विशेषज्ञों की तैनाती भी की जाएगी। - अरविंद स्वरूप, युवा कल्याण अधिकारी

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महिला अस्पताल : उपकरण और स्टाफ नहीं

फोटो २७ पीबीटीपी ३२
नगर में 7.34 करोड़ की लागत से 50 बेड का महिला चिकित्सालय का निर्माण फरवरी 2019 में शुरू किया गया था। इसे जून 2021 में पूरा होना था लेकिन दो साल बाद भी इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका। फर्नीचर आदि मिलना था जो नहीं मिला। स्टाफ की तैनाती भी नहीं हुई। पिछले दिनाें सीएमओ ने निरीक्षण किया और जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे।
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अस्पताल का निर्माण तो पूरा हो चुका है, लेकिन अस्पताल के लिए अब तक फर्नीचर और अन्य संसाधन जो मिलने थे, शासन से नहीं मिले। इसके लिए पत्राचार किया जा रहा है। - डॉ. आलोक शर्मा, सीएमओ

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एमआरएफ सेंटर : बिजली कनेक्शन लेना भूले

फोटो २७ पीबीटीपी ३३
मुझा रोड पर 33.67 लाख की लागत से नगर पालिका के एमआरएफ सेंटर (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) का निर्माण कराया गया। भवन सितंबर 2022 में बनकर तैयार हो गया था। मशीनें भी खरीद ली गई। पिछले साल दो अक्तूबर को लोकार्पण भी हो गया, लेकिन बिजली कनेक्शन कराना भूल गए। लिहाजा सेंटर चालू ही नहीं हुआ। सेंटर के बाहर कूड़े के ढेर लग गए हैं। ॉ


एमआरएफ सेंटर में चलाने को बिजली कनेक्शन अब तक नहीं हो सका है। कनेक्शन कराने को औपचारिकता पूरी की जा चुकी है। जल्द ही कनेक्शन कराकर सेंटर चलवा दिया जाएगा। -कृष्ण कुमार सोनकर, ईओ, पूरनपुर नगर पालिका
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