फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pilibhit News: एक साल से टूटी पुलिया का अब तक नहीं निर्माण

विज्ञापन
बरखेड़ा क्षेत्र में जान जोखिम में डाल कर निकलते मुसाफिर। संवाद
विज्ञापन
बरखेड़ा। कस्बे से पिपरिया मंडन संपर्क मार्ग पर ग्राम बर्रामऊ के निकट पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त पुलिया का निर्माण अब तक नहीं हो सका है। पुलिया निर्माण के लिए बनाया गया वैकल्पिक रास्ता बारिश के पानी के बहाव के चलते कई दिन पहले कट गया। वहां पर तीन फुट पानी बह रहा है। इस कारण इस मार्ग से गुजरने वाले ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।
विज्ञापन

बरखेड़ा के ग्राम पिपरिया मंडन मार्ग से करीब 30 गांवों के लोगों की आवाजाही होती है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि एक साल बीतने के बाद भी कटी पुलिया का निर्माण नहीं कराया जा सका। अब बारिश के बाद स्थिति और खराब हो गई है। वैकल्पिक रास्ता पानी के बहाव में कटने से आवागमन प्रभावित हो गया है।
कुछ बाइक सवार मजबूरी में जान जोखिम में डालकर पानी से बाइक निकलवाने के लिए स्थानीय लोगों की सहायता ले रहे हैं। इस मार्ग का दियोरिया, बिलसंडा के लोग पीलीभीत आने-जाने के लिए प्रयोग करते हैं। फिलहाल रामनगर, कुसमा, उदरहा, रमबोझा, डिओराजपुर, खरगापुर, पिपरिया, उमरिया, सोंधा गोंटिया, परेवा अनूप, बलदेवपुर गोंटिया, गाजने, मधवापुर सहित लगभग 30 गांवों की एक लाख आबादी प्रभावित है। वहीं जिम्मेदार केवल आश्वासन देकर टाल रहे हैं।
विज्ञापन



-राहगीरों ने बताई अपनी-अपनी परेशानी-

पिपरिया मंडन निवासी बेनीराम साइकिल से कटे रास्ते पर स्थानीय लोगों की मदद से निकल पाए। उन्होंने बताया कि 65 वर्ष की उम्र में घूमकर साइकिल से जाना उनके लिए बहुत मुश्किल हो रहा है।



गांव लखनऊ गौंटिया निवासी नेमचंद अपनी ससुराल पत्नी के साथ रक्षाबंधन मनाने जा रहे हैं। अब यह रास्ता खराब होने पर पूछकर किसी दूसरे रास्ते से जाना होगा।

डंडिया भगत गांव निवासी सुरेश कुमार मधवापुर जा रहे थे। उनका कहना हैं कि इस रास्ते को काफी समय हो गया, लेकिन पुलिया निर्माण में लापरवाही हो रही। जल्द कोई वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए।



पुलिया को शीघ्र चालू करवाने का प्रयास किया जाएगा। इससे पहले वैकल्पिक रास्ते को दुरुस्त कराकर आवागमन को सुचारू करा दिया जाएगा। - एसके जैन, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग

बरखेड़ा क्षेत्र में जान जोखिम में डाल कर निकलते मुसाफिर। संवाद

बरखेड़ा क्षेत्र में जान जोखिम में डाल कर निकलते मुसाफिर। संवाद

बरखेड़ा क्षेत्र में जान जोखिम में डाल कर निकलते मुसाफिर। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें