पीलीभीत। शासन स्तर से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रति जोड़े की शादी पर अब एक लाख रुपये खर्च किया जाएगा। नवदंपती को उपहार स्वरूप दिए जाने वाले सामानों की संख्या भी बढ़ाई गई है। प्रति वर्ष तीन लाख रुपये आय वाले गरीब परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। 441 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य भी शासन से मिल गया है।
सामूहिक विवाह के लिए प्रति जोड़ा 51 हजार रुपये ही मिलता था। प्रमुख सचिव की हाल ही शासनादेश भेजा गया है। इसमें मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में किए गए बदलाव के बारे में जानकारी दी गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी चंद्र मोहन विश्नोई ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी करने वाले प्रति जोड़े की शादी पर अब एक लाख रुपये की धनराशि खर्च होगी।
सामूहिक विवाह कार्यक्रम कम से कम 10 जोड़े होने पर संपन्न कराया जा सकता है। कन्या के दांपत्य जीवन में खुशहाली के लिए सहायता राशि के रूप में 60 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। कार्यक्रम के आयोजन में भोजन, पंडाल, फर्नीचर, पेयजल, विद्युत प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए 15 हजार रुपये प्रति जोड़ा खर्च किया जाएगा। (संवाद)
उपहार स्वरूप दिया जाने वाला सामान ब्रांडेड होगा
योजना के अंतर्गत शासन स्तर से नवदंपती को सामान भी दिया जाता है। इसमें पूर्व में 10 हजार रुपये का खर्चा किया जाता था। मगर, अब इस योजना में उपहार स्वरूप 25 हजार रुपये का सामान दिया जाएगा। नवदंपती को दिए जाने वाला सामान भी ब्रांडेड दिया जाएगा। इसको लेकर भी प्रक्रिया शुरू हो गई है।
यह लोग कर सकते हैं आवेदन
योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के परिवारों की बेटियों को भी लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसके लिए वह ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद सत्यापन होने के बाद उन्हें इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
शासन स्तर से आवेदन शुरू
शासन स्तर से विभाग को 441 जोड़ों की शादी संपन्न कराने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए अब तक करीब 425 लोग आवेदन कर चुके हैं। जल्द ही इनका सत्यापन भी शुरू हो जाएगा। इसके बाद शासन स्तर से तारीख निश्चित होते ही विवाह संपन्न कराया जाएगा।
शासन स्तर से सामूहिक विवाह योजना की धनराशि बढ़ाने का आदेश आ गया है। दिए गए लक्ष्य के अनुसार शादी अनुदान में लोग आवेदन भी कर रहे हैं। - चंद्र मोहन विश्नोई, जिला समाज कल्याण अधिकारी