पीलीभीत। छोटे भाई की हत्या करने का आरोपी तीन दिन से गांव में ही घूम रहा था। इस दौरान वह वृद्ध मां से मिलने भी नहीं पहुंचा। उसके उद्देश्य को परिजन नहीं समझ सके। इसका फायदा उठाकर उसने आधी रात को घटना को अंजाम दे दिया।
मंझले भाई ने बताया कि अवैध संबंध की जानकारी होने के बाद दोनों भाइयों में बातचीत बंद थी। इसको लेकर विवाद भी होते रहे। बड़ा भाई काम के लिए बाहर जाने के बाद भी रंजिश रखे रहा। तीन दिन पहले वह अचानक गांव आया। कई ग्रामीणों ने उसे देखा मगर वह परिवार के पास नहीं गया। उसकी मंशा को लेकर संदेह तो था मगर हत्या का अंदेशा किसी को नहीं था। इस वजह से परिजन भी बेपरवाह रहे। उन्होंने बताया कि अगर छोटा भाई भी कमरा बंदकर अंदर सो रहा होता तो उसकी जान बच सकती थी।
पहले मचा बाघ हमले का शोर, फिर सामने आई सच्चाई
घटना के बाद मौके पर सबसे पहले वृद्ध मां मौके पर पहुंची। खून से लथपथ शव देख वह बाघ हमले समझकर चिल्लाने लगी। इसके बाद उनकी नजर बड़े पुत्र पर पड़ी। देखे जाने के बाद वह फरार हो गया।