पीलीभीत। आधार कार्ड रिश्तों का प्रमाण नहीं बल्कि सिर्फ पहचान का दस्तावेज है। इसको लेकर महानिरीक्षक निबंधन ने पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया है कि आधार कार्ड को पारिवारिक या वैधानिक संबंधों का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाएगा।
एआईजी स्टांप सतीश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा की ओर से आदेश जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि आधार संख्या और आधार पत्र का उद्देश्य केवल किसी व्यक्ति की पहचान स्थापित करना है। आधार कार्ड में अंकित पिता, पति, अभिभावक अथवा अन्य संबंधियों का नाम केवल सूचनात्मक होता है, इसे कानूनी या पारिवारिक संबंध का प्रमाण नहीं माना जा सकता। पत्र के अनुसार यदि किसी आवेदन, योजना, सेवा या विलेख संबंधी कार्यवाही में पारिवारिक संबंध का सत्यापन आवश्यक हो, तो केवल आधार कार्ड के आधार पर निर्णय नहीं लिया जाएगा।
ऐसे मामलों में जन्म प्रमाण पत्र अथवा अन्य वैध दस्तावेजों के आधार पर संबंधों का परीक्षण और सत्यापन किया जाएगा ताकि भविष्य में संबंधों के सत्यापन से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। एआईजी स्टांप सतीश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि महानिरीक्षक निबंधन की ओर से पत्र जारी किया गया है। आधार को केवल व्यक्ति की पहचान के रूप में ही माना जाएगा।