कृषि फसलों की सिंचाई को लेकर सरकार नहरों की टेल तक पानी पहुंचाने का आदेश जारी कर चुकी है, लेकिन अपने जिले में इन आदेशों की खुलेआम धज्जियां ही उड़ाई जाती हैं। अब प्रदेश के कई जनपदों में लाखों एकड़ भूमि की सिंचाई को पानी मुहैया कराने वाली शारदा मुख्य नहर को ही लें, तो इस नहर में सिल्ट सफाई को क्लोजर हुए एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन काम धेेले भर का नहीं हो सका है।
बरसात समाप्त होने के बाद नहरों में सिल्ट सफाई आदि को क्लोजर लिया जाता है। ताकि नहरों की सिल्ट सफाई के साथ अन्य मरम्मत कार्य व पटरियों पर उगी जंगल झाड़ियों की सफाई की जा सके और नहरों में टेल तक पानी पहुंचाया जा सके। इन दिनों प्रदेश के कई जनपदों में सिंचाई को पानी मुहैय्या कराने वाली शारदा मुख्य नहर में क्लोजर लिया गया है। इसके चलते इससे निकलने वाली सभी नहरें भी बंद हैं। बताते हैं कि जहां-जहां सिल्ट सफाई कराने को बजट मिला है, वहां जेसीबी से सिल्ट सफाई कराई जा रही है। मगर शारदा मुख्य नहर एवं हरदोई ब्रांच जो क्षेत्र की मुख्य नहरें हैं, उनमें क्लोजर होने के बावजूद न तो अभी तक सफाई कराई जा रही है और न ही जंगल झाड़ी काटी जा रही है।
पुलों व फाटकों की भी मरम्मत नहीं
क्लोजर के दौरान ही पुलों व फाटकों की मरम्मत कराई जाती है। मगर इस बार भी पुलों और फाटकों की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। इधर, शारदा डैम से निकलने वाली सबसीडरी हरदोई ब्रांच के दो गेट खराब पड़े हैं।
नहरों में क्लोजर तो हुआ है। जंगल झाड़ी की आदि की सफाई होने चाहिए थी, लेकिन कोई बजट न मिलने से कार्य नहीं कराया जा रहा है। पुलों व फाटकों की मरम्मत आदि के लिए अधिशासी अभियंता को लिखा गया है।
वीके तिवारी, सहायक अभियंता हेडवर्कस खंड, बाइफरकेशन