परिषदीय विद्यालय सत्र परीक्षा में शामिल बच्चे। स्रोत विभाग
पहली पाली में कला और दूसरी पाली में खेल एवं शारीरिक शिक्षा की परीक्षा
पीलीभीत। परिषदीय विद्यालयों में सत्र परीक्षाओं का आगाज बुधवार से हो गया। परीक्षा को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने पहले ही तैयारियां पूरी कर ली थीं। बीएसए रोशनी सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को परीक्षा सुचारु और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कराने के निर्देश दिए थे। परीक्षा शुरू होते ही विद्यालयों में छात्र-छात्राओं में उत्साह दिखाई दिया।
जिले में 1495 परिषदीय स्कूल हैं। प्रथम सत्र परीक्षा के तहत उच्च प्राथमिक स्तर पर पहली पाली में बेसिक क्राफ्ट एवं संबंधित कला की परीक्षा कराई गई। दूसरी पाली में खेल एवं शारीरिक शिक्षा तथा स्काउट-गाइड की लिखित परीक्षा आयोजित हुई। वहीं प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों की मौखिक परीक्षा कराई गई। विद्यालयों में शिक्षक परीक्षा की व्यवस्थाओं में जुटे रहे और विद्यार्थियों को निर्धारित समय पर परीक्षा कराई गई।
जूनियर हाईस्कूल टाह पौटा के प्रधानाध्यापक अजय कुमार ने बताया कि परीक्षा को लेकर छात्र-छात्राओं में उत्साह रहा। उन्होंने बताया कि सत्र परीक्षा विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर को परखने का महत्वपूर्ण माध्यम है। परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। इससे शिक्षकों को यह पता चल सकेगा कि विद्यार्थियों का अधिगम स्तर कितना है और उन्हें किन विषयों में अधिक सहयोग की आवश्यकता है। बीएसए रोशनी सिंह का कहना है कि सत्र परीक्षा की पारदर्शित को लेकर जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं। संवाद
मूल्यांकन के बाद बनेगी कमजोर विद्यार्थियों की सूची
सत्र परीक्षा के परिणाम के आधार पर कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ऐसे बच्चों पर विशेष फोकस करेगा, जिनका शैक्षिक अधिगम स्तर अपेक्षाकृत कम पाया जाएगा। शिक्षकों को इन विद्यार्थियों की कमियों को दूर करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। विभाग का जोर विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाने और उन्हें कक्षा के निर्धारित अधिगम स्तर तक पहुंचाने पर रहेगा।