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हमलावर तेंदुए की अमरिया में वापसी से फैली दहशत

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पीलीभीत। बरेली के शीशगढ़ थाना क्षेत्र में तेंदुए द्वारा एक बच्ची को हमला करके उसे मार डालने के बाद स्थानीय वन महकमा भी सतर्क हो गया है। वनकर्मियों ने अमरिया में चहलकदमी कर रहे तेंदुए को पकड़ने के लिए चार पिंजड़े लगाए गए हैं। हालांकि बुधवार को गजरौला फार्म के समीप तेंदुए के पैरों के निशान देखे गए हैं। इसके बाद ग्रामीण भयभीत हैं। वन अफसरों का कहना है कि इस बार तेंदुआ हर हाल में पकड़ लिया जाएगा।
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अमरिया तहसील के आबादी क्षेत्र में पिछले आठ साल से जंगल से निकलकर बाघ तो विचरण कर ही रहे थे। इधर पिछले चार माह से तेंदुओं ने भी आतंक मचाना शुरू कर दिया है। कई मवेशियों समेत पालतू कुत्तों को मारने वाले तेंदुए के आतंक को लेकर ग्रामीण और वन विभाग कुछ दिन पहले आमने सामने आ गए थे। मौके की नजाकत को भांपते हुए टाइगर रिजर्व के आला अधिकारियों ने अगस्त में ग्रामीणों के साथ बैठक की थी, जिसमें ऑपरेशन तेंदुआ अभियान चलाने का आश्वासन दिया गया था। वन्य एवं वन्यजीव प्रभाग द्वारा 25 अगस्त से अमरिया में ऑपरेशन तेंदुआ की शुरूआत की गई। इसको लेकर अमरिया क्षेत्र में चार पिंजड़े भी लगाए गए, मगर तेंदुआ तीन दिन बाद अमरिया छोड़कर उत्तराखंड की सीमा में चला गया। इस बीच कुछ अन्य तेंदुए भी इलाके में देखे गए, मगर कुछ दिन की चहलकदमी के बाद वह भी अपने क्षेत्रों में लौट गए।
मंगलवार सुबह उत्तराखंड जाने वाले तेंदुए ने फिर इलाके में दस्तक देकर सनसनी फैला दी। मंगलवार को कुछ मजदूरों ने तेंदुआ देखा। वनकर्मियों ने पैरों के निशान देखने के बाद तेंदुआ होने की पुष्टि की। हमलावर तेंदुए के अमरिया क्षेत्र में लौटने की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्रवासियों में दहशत फैल गई। यह दहशत बुधवार को उस समय और बढ़ गई, जब बरेली के शीशगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में तेंदुए ने एक दस साल बच्ची को मार डाला। इसकी जानकारी जब वन महकमे को हुई तो वह भी सतर्क हो गया। डिप्टी रेंजर देवेंद्र पाल सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पैरों के निशान ट्रेस करने के साथ वनकर्मियों को इलाके में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। फिलहाल तेंदुए की वापसी से क्षेत्रवासियों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए का अब पकड़ जाना बेहद जरूरी हो गया है।
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तेंदुए उत्तराखंड सीमा से वापस आ गया हैं। वनकर्मियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। दो पिंजड़े सूरजपुर में अलग-अलग स्थानों पर लगवाए गए हैं। एक पिंजड़ा रसूला और एक जगत में लगाया गया है। तेंदुए को हर हाल में पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। - संजीव कुमार, डीएफओ, वन एवं वन्यजीव प्रभाग
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