पीलीभीत/अमरिया। अमरिया क्षेत्र में हिंसक तेंदुए को पकड़ने के लिए घटनास्थल के समीप पिंजड़ा लगा दिया गया। वहीं तीन दिन पहले जिस घर में तेंदुआ घुसा था, सुरक्षा की दृष्टि से वनकर्मियों को खाबड़ (जाल) लगाकर सुरक्षित किया गया है। सामाजिक वानिकी के डिप्टी रेंजर वनकर्मियों की टीम साथ सूरजपुर गौटिया में ही डेरा जमाए हुए है।
अमरिया तहसील क्षेत्र के आबादी के इलाके में पिछले आठ साल से 10 से अधिक बाघों का कुनबा डेरा जमाए हुए हैं। अच्छी बात यह है कि आबादी में रहने के बावजूद यह बाघ इंसानों पर हमलावर नहीं हो रहे हैं, मगर पिछले एक साल से यहां जंगल से भटककर आए तेंदुआ का आतंक दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। गत वर्ष एक तेंदुए ने करीब पांच माह के दौरान तमाम कुत्तों समेत अन्य मवेशियों को निवाला बना डाला था। ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए सामाजिक वानिकी प्रभाग ने गत वर्ष नवंबर में आतंक का पर्याय बने तेंदुए को पिजड़े में कैदकर लिया था। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद इलाके के लोगों ने खासी राहत महसूस की थी, मगर यह राहत महज कुछ महीने तक ही रही। इधर अब जंगल से भटककर आए दो तेंदुए करीब दो माह से रिहायशी इलाके में डेरा जमाए हुए हैं। इसमें एक तेंदुए ने सूरजपुर गांव के समीप एक श्मशान घाट और पेड़ों पर अपना ठिकाना बनाए हुए हैं। बताते हैं कि यह तेंदुए पिछले सप्ताह भर से हिंसक होता नजर आ रहा है। करीब चार दिन पहले सूरजपुर गौटिया में रात को एक ग्रामीण के घर में घुसे तेंदुए ने बकरी को मारने का प्रयास किया, मगर परिजनों के शोर-शराबे के बाद तेंदुआ भाग निकला। अगले दिन जब वनकर्मी मौके पर पहुंचे तो तेंदुए को पकड़ने को लेकर ग्राम प्रधान समेत ग्रामीणों की वनकर्मियों से नोकझोंक तक हो गई। बताते हैं कि शनिवार और रविवार को भी तेंदुआ शिकार की तलाश में सूरजपुर गौटिया में ग्रामीण के घर के आसपास घूमता दिखाई।
निगरानी में जुटी टीम
सूरजपुर गौटिया में तेंदुए की लगातार मौजूदगी को देखते हुए उच्चाधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद सोमवार को घटनास्थल से करीब 200 मीटर की दूरी पर एक पिंजड़ा लगाया गया है। तेंदुए को शिकार का लालच देने के लिए पिंजड़े में एक बकरी को भी बांधा गया है। वहीं पिछले दो दिन से तेंदुआ शिकार की तलाश में जिस घर के आसपास घूम रहा है, वहां सुरक्षा की दृष्टि से खाबड़ लगा दी गई है। यहां डिप्टी रेंजर देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में वन दरोगा सोनी सिंह समेत टीम लगातार निगरानी में जुटी है।
तेंदुए की मौजूदगी को देखते हुए सूरजपुर गौटिया और आसपास क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। उच्चाधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद तेंदुए को पिंजड़े में कैद करने की कवायद शुरू कर दी गई है। जल्द ही तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा। - संजीव कुमार, डीएफओ, सामाजिक वानिकी प्रभाग