पीलीभीत। सुनगढ़ी थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी निवासी 15 वर्षीय किशोरी का जबरन विवाह कराने और बाद में नोएडा स्थित ससुराल में पिटाई कर घर से निकाल दिए जाने का मामला सामने आया है। किशोरी की शिकायत पर दिल्ली के आनंद विहार थाने में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। किशोरी के पीलीभीत निवासी होने के कारण अब मामले की विवेचना सुनगढ़ी पुलिस को सौंपी गई है।
किशोरी ने पुलिस को बताया कि उसकी मां की आठ वर्ष पहले मौत हो चुकी है। उसके पिता शराब पीने के आदी हैं। आरोप है कि पिता ने अन्य परिजन की मदद से उसकी शादी नोएडा निवासी 17 वर्षीय किशोर से तय कर दी। किशोरी ने अपनी उम्र 15 वर्ष बताते हुए शादी का विरोध किया और नाबालिग होने के कारण विवाह नहीं करने की बात कही, लेकिन परिजन ने उसकी बात नहीं मानी। इसके बाद 15 जुलाई 2026 को उसका विवाह करा दिया गया।
शादी के दो दिन बाद 17 जुलाई को उसका पति उसे अपने साथ नोएडा ले गया। वहां उसके साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध संबंध बनाए जाने का आरोप है। किशोरी ने बताया कि उसका पति नोएडा में नौकरी करता है। आरोप है कि 30 जुलाई को पति, सास और ससुर ने उसके साथ मारपीट की। इसके अगले दिन 31 जुलाई को ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे पिटाई कर घर से निकाल दिया।
किशोरी के मुताबिक, ससुराल से निकाले जाने के बाद वह किसी तरह नोएडा से दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पहुंची। वहां उसने पुलिस को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। पुलिस ने उसे संरक्षण में लेकर चिकित्सकीय परीक्षण कराया। इसके बाद उसे दिल्ली के संस्कार आश्रम में संरक्षित कर दिया गया। एक अगस्त को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की काउंसलिंग हुई। किशोरी के पीलीभीत निवासी होने के कारण उसे यहां भेज दिया गया।