पीलीभीत। ऑनलाइन हाजिरी को लेकर चल रहे विरोध के बाद शिक्षकों ने अब सूचनाओें के आदान प्रदान के लिए बने ग्रुपों को छोड़ना शुरू कर दिया है। इससे अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।
शासन ने बेसिक स्कूलों में तैनात शिक्षक और अन्य लोगों के लिए ऑनलाइन उपस्थिति को आठ जुलाई से अनिवार्य कर दिया था। शासन के इस आदेश को लेकर पहले दिन से ही शिक्षकों ने विरोध शुरू कर दिया था। विरोध की यह आग अब पूरे प्रदेश में फैल गई। पहले दो दिनों तक जिले में मात्र 29 शिक्षकों ने ही ऑनलाइन उपस्थिति को दर्ज कराया था।
इसके अलावा अन्य किसी शिक्षक ने नहीं किया था। अब शिक्षकों ने अपना विरोध जताते हुए अधिकारियों की चिंता को और बढ़ा दिया है। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के साथ ही अन्य शिक्षकों ने प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर हर ब्लॉक में बने खंड शिक्षाधिकारी के व्हाट्सएप ग्रुप को छोड़ना शुरू कर दिया है। अब तक जिले से करीब दो हजार शिक्षक अधिकारियों के ग्रुप से लेफ्ट कर गए हैं। ऐसे में अधिकारियों को गांव और ब्लॉक स्तर पर होने वाली गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है।
शिक्षक नेता बोले- किसी कीमत पर नहीं मानेंगे यह आदेश
मोबाइल पर ही शिक्षकों से पूरी जानकारी ली जा रही है। अब मोबाइल चलाने पर कार्रवाई भी हो रही। यह गलत है। इसके साथ ही शिक्षकों से बिना जानकारी लिए ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था लागू कर दी गई। निर्णय गलत है। इसी को लेकर प्रदेश आह्वान पर विभागीय ग्रुप से बाहर हो रहे हैं। -लाल करन, जिला अध्यक्ष जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ
ऑनलाइन उपस्थिति को हटाने और अन्य कई मांगों शिक्षक लामबंद है। विरोध के चलते ही प्रदेश पदाधिकारियों के रहने पर वह लोग विभागीय ग्रुप से लेफ्ट हो रहे हैं। अब तक जिले से करीब एक हजार शिक्षक अलग-अलग विभागीय ग्रुपों से निकल चुके हैं। -दयाशंकर, जिला अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ
ऑनलाइन उपस्थिति का विरोध करने के संंबंध में बनाई रणनीति
बीसलपुर। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के स्थानीय कैंप कार्यालय पर रविवार को हुई बैठक में बेसिक विद्यालयों में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने का विरोध करने की रणनीति बनाई गई।
बैठक में तय हुआ कि प्रत्येक दशा में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के नियम का विरोध किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों का यह तानाशाही पूर्ण आदेश स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि महासंघ के इस निर्णय की जानकारी सोमवार को लिखित रूप से विभागीय उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। शिक्षक किसी भी हालत में इस थोपे गए आदेश को स्वीकार नहीं करेंगे। बैठक की अध्यक्षता महासंघ के जिलाध्यक्ष मुकेश अवस्थी और संचालन जिला महामंत्री मुईन अहमद खां ने किया। बैठक में कुछ सदस्यों ने इस आंदोलन को और अधिक मजबूती के साथ संचालित करने के संबंध में सुझाव दिए। उन सुझावों पर अतिशीघ्र अमल करने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दयाशंकर गंगवार, उच्च प्राथमिक विद्यालय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा, जितेंद्र कुमार, मनोज कुमार मौर्य, सूरजपाल गंगवार आदि शिक्षक नेता मौजूद रहे। संवाद