गन्ना आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी ने समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने गन्ना कमीशन, पुराने ऋण की वसूली के साथ आयकर विभाग में लंबित टीडीएस की वापसी कराने के निर्देश गन्ना अधिकारियों को दिए हैं। जिले में करीब 3.25 करोड़ टीसीएस की वापसी लंबित है।
संयुक्त गन्ना आयुक्त डॉ. वीबी सिंह के माध्यम से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि गन्ना आयुक्त ने गन्ना समिति को आर्थिक रूप से मजबूत कराने के निर्देश दिए हैं। इसमें सबसे ज्यादा जोर आयकर विभाग में की गई कटौती की वापसी पर दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि पिछले माह चलाए गए अभियान में पूरे प्रदेश में 16.35 करोड़ की टीडीएस धनराशि वापस हुई है। इसे जारी रखते हुए आगे भी टीडीसी वापसी के प्रयास किए जाए। इसके लिए सचिव अपने आयकर अधिवक्ता से संपर्क कर विभागीय पक्ष रखते हुए टीडीसी वापसी के प्रयास करें। टीडीएस वापसी के साथ मिलों से गन्ना कमीशन का भुगतान कराने, पुराने बकाया वसूली को एकमुश्त समाधान योजना लागू करने एवं खर्चों में कटौती के निर्देश दिए गए हैं।
यह है जिले की स्थिति
जिले की कुल चार गन्ना समितियों से वर्ष 2001-02 से वर्ष 2014-15 तक कुल 7.65 करोड़ की आयकर कटौती की गई है। इसमें से अब तक मात्र 4.54 करोड़ की ही वापसी हुई है। लगभग 3.11 करोड़ की वापसी अभी और लंबित है।
समिति की आयकर कटौती और वापसी (लाख में)
समिति कटौती वापसी शेष
पीलीभीत 286.54 129.02 157.52
पूरनपुर 269.21 169.67 99.54
बीसलपुर 167.32 141.61 25.71
मझोला 42.60 14.04 28.56
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कुल 765.67 454.34 311.33
गन्ना आयुक्त के आदेश पर सभी समिति सचिवों को पत्र जारी किया गया है। टीडीसी की वापसी सहित सभी आदेशों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
- राजेश्वर यादव, जिला गन्ना अधिकारी