पीलीभीत। कोरोनाकाल में मंगाई गई आरटीपीसीआर मशीन से अब टीबी (क्षय रोग) की जांच शुरू कर दी गई। इससे एक मरीज की जांच में जहां स्वास्थ्य विभाग का 1150 रुपये बचेगा। वहीं, एक बार में 1.25 घंटे में 96 सैंपलों की जांचें हो सकेंगी। ऑपरेशन फिजिबिलिटी एक्सरसाइज फॉर टीबी टेस्ट प्रोग्राम के तहत पायलट प्रोजेक्ट के लिए यूपी में लखनऊ व पीलीभीत को शामिल किया है। शुक्रवार से जांचें आरटीपीसीआर मशीन से शुरू भी कर दी गईं।
2020 में कोरोना संक्रमित मरीजों की जांच करने वाली मशीन आरटीपीसीआर अब क्षय रोग की पहचान भी करेगी। उत्तर प्रदेश के टीबी सेल ने इस प्रोग्राम की शुरुआत की है। प्रोग्राम के तहत आरटीपीसीआर मशीन में मरीज का बलगम व सीएसएफ का सैंपल लिया जाएगा। एक साथ में 96 सैंपल लगाए जाएंगे। जिसकी 1.25 घंटे में सभी मरीजों की कंप्यूटर पर पॉजिटिव व निगेटिव रिपोर्ट आ जाएगी। अगर किसी मरीज की जांच पॉजिटिव आती है तो उसके रोग प्रतिरोधक क्षमता जांचने के लिए सीवी नॉट मशीन से जांच होगी। फिलहाल, विभाग को दस हजार किट दी गई हैं। संवाद
पहले 1200 होते थे खर्च, दो घंटे में सिर्फ चार मरीजों की होती थी जांच
टीबी मरीजों की पहले सीबी नाट से जांच करने की प्रक्रिया थी। इसमें मरीज के बलगम, सीएसएफ को शामिल करके टीबी की जांच की जाती थी, जिसमें एक बार में सिर्फ चार मरीजों का सैंपल लिया जाता था व एक किट की कीमत 1200 होती थी। जांच रिपोर्ट में भी दो घंटे का समय लगता था, लेकिन अब 50 रुपये कि आरटीपीसीआर किट से विभाग का 1150 रुपये बचेगा। एक बार में 96 मरीजों की जांच हो सकेगी।
दो दिवसीय ट्रेनिंग के बाद जांचें शुरू
जिले में उत्तर प्रदेश टीबी सेल की टीम बृहस्पतिवार को पीलीभीत पहुंची। इसमें टीबी सेल के चिकित्सक डॉ. प्रवीन सिंह, डॉ. अभजीत अवस्थी ने मेडिकल कॉलेज की विभागाध्यक्ष माइक्रोबायलॉजी डॉ. दीपिका, डॉ. अफजल, जुनैद सहित अन्य स्टाफ को आरटीपीसीआर से टीबी जांच का प्रशिक्षण दिया गया। शुक्रवार को आठ सैंपल से जांचें की गईं।
टीबी उन्मूलन के लिए घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीम
बरखेड़ा। टीबी उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर पहुंच रही है। मौके पर ही खांसी के मरीजों का पोर्टेबल मशीन से एक्स-रे किया जा रहा है। दो दिनों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 159 लोगों की घरों पर जाकर जांच की है। पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन से लैस टीम परीक्षण कर रही है।
शुक्रवार को टीम ने ग्राम रम्पुरा नत्थू और बर्रामऊ में अभियान चलाया। दोनों गांवों में 78 लोगों के एक्स-रे किए गए। दमा से संबंधित अन्य आवश्यक परीक्षण किए गए। इससे पहले बृहस्पतिवार को टीम ने क्षेत्र के गांव भोपतपुर और प्रतापडांडी में 81 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। टीबी के संदिग्ध मरीजों के मौके पर ही एक्स-रे किए गए। टीम में डॉ. विजय तिवारी, रेडियोलॉजिस्ट, लैब तकनीशियन आदि शामिल रहे। सीएचसी प्रभारी डॉ. लोकेश गंगवार ने बताया कि टीबी उन्मूलन का यह विशेष अभियान 100 दिनों तक लगातार जारी रहेगा। इसके अंतर्गत टीमें प्रतिदिन अलग-अलग गांवों में घर-घर जाकर ग्रामीणों की जांचें करेंगी। संवाद
प्रशिक्षण के बाद मरीजो की आरटीपीसीआर से जांच करता विभाग। संवाद