कम बजट से नहरों में टेल तक पानी पहुंचना मुश्किल
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नहरों के क्लोजर होने के बाद अब रबी फसलों की सिंचाई के लिए सिल्ट सफाई की तैयारी शुरू हो गई है। शासन से कम बजट मिलने के चलते अधिशासी अभियंता शारदा ने सभी सब डिवीजन में नहरों की संख्या के मुताबिक बजट आवंटित किया है। जिससे माधोटांडा रजवाहा व उससे जुड़ी रजवाहा व माइनरों को की सिल्ट सफाई काफी कम बजट में करानी होगी। ऐसे में नहरों की टेल तक पानी पहुंचने की संभावना कम ही नजर आ रही है।
वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद शासन रबी फसलों को पर्याप्त सिंचाई को पानी उपलब्ध कराने को सिल्ट सफाई को धनराशि देता है। इस वर्ष भी धनराशि तो आवंटित की गई, लेकिन कम बजट मिलने के चलते शारदा सागर के अधिशासी अभियंता हरीशचंद्र श्रीवास्तव ने जनपद में खंड के जुड़ी सभी सब डिवीजनों के अंर्तगत आने वाली नहरों की संख्या के हिसाब से सब डिवीजनों को बजट आवंटित किया है। जिसके तहत माधोटांडा रजवाहा व उसकी सहायक नहरों व माइनरों में भी सफाई को बजट दिया गया है। यह बजट पूरनपुर तहसील की नहरों के मुताबिक ऊंट के मुंह में जीरे के समान है, लेकिन अभियंताओ को जितना बजट एलाट हुआ है उसी के मुताबिक नहरों की सिल्ट सफाई प्राथमिक के आधार पर करानी होगी। माधोटांडा रजवाहा व पूरनपुर रजवाहा में मात्र चार-चार किमी ही सिल्ट सफाई का कार्य कराया जाएगा। चांदूपुर माइनर, परसादपुर माइनर, गोपालपुर माइनर समेत चार माइनरों में भी इसी के मुताबिक सिल्ट सफाई कराई जाएगी। हालांकि माधोटांडा रजवाहा व पूरनपुर से जुड़ी डेढ़ दर्जन माइनरें हैं। ऐसे में एलाट किया गया बजट पूरनपुर तहसील की नहरों के लिए ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। ऐसे में रबी फसलों में सूखा पडने व गर्मी के मौसम में लगभग नहरों में अभियंताओं को टेल तक पानी पहुंचाने में खासी मशक्कत करनी पड़ती है। हालांकि अभियंताओं ने अधिशासी अभियंता से अधिक धनराशि देने की मांग की है। इधर शारदा सागर के माधोटांडा रजवाहा से जुड़े सहायक अभियंता प्रथम धर्म घोष ने बताया कि वर्ष में दो बार नहरों में सिल्ट सफाई होने लगी है। ऐसे में कुछ नहरों में पूर्व में बजट के मुताबिक सफाई कराई गई थी। रबी फसलों को पर्याप्त सिंचाई को पानी देने को रजवाहों व बड़ी माइनरों में जहां अधिक सिल्ट एकत्र हुई है उस इलाके में सफाई कराई जाएगी। ताकि पानी टेल तक पहुंचाया जा सके।