पीलीभीत/गजरौला। पांच दिन में बाघ हमले में दो ग्रामीणों की मौत के बाद गजरौला क्षेत्र के गांवों में खासी दहशत देखी जा रही है। बुधवार शाम माला रेंज की लालपुर बीट में हुए बाघ हमले के बाद टाइगर रिजर्व के अफसरों ने पहुंचकर जांच की। घटना स्थल के आसपास कैमरे भी लगवाए गए हैं ताकि हमला करने वाले बाघ की पहचान की जा सके।
वहीं टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा की गई जांच में बैजूनागर निवासी फूलचंद पर जंगल के भीतर बाघ द्वारा हमला करने की पुष्टि की गई है। ऐसी दशा में बाघ हमले का शिकार बने दोनों ग्रामीणों के परिजनों को मुआवजा नहीं मिल सकेगा। गजरौला क्षेत्र में पिछले डेढ़ माह से बाघ की चहलकदमी देखी जा रही थी। एक फरवरी को बैजूनागर निवासी 65 वर्षीय फूलचंद को बाघ ने खेत की रखवाली के दौरान निवाला बना डाला था। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने बाघ हमले के बाद क्षेत्र में कांबिंग तेज कर दी थी। साथ ही ग्रामीणों को भी सतर्क कर दिया था। इधर पांचवें दिन बैजूनागर गांव से मात्र दो किमी दूर बसे गांव विधिपुर निवासी रूपलाल पर बुधवार शाम बाघ ने माला रेंज की लालपुर बीट में हमला कर मार दिया था। रुपलाल पचपेड़ा गढ़ा में एक फार्मर के यहां नौकरी करता था।
इधर बृहस्पतिवार को वन अफसरों ने लालपुर बीट में पहुंचकर घटनास्थल का मौका मुआयना किया। वन अफसरों के मुताबिक रूपलाल की मौत बाघ हमले से हुई है या किन्हीं अन्य कारणों से इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा। घटनास्थल पर चार कैमरे भी लगवाए गए हैं। ताकि पता चल सके कि रूपलाल पर हमला किस वन्यजीव ने किया है। फिलहाल मृतक के परिवार को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से दस हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है।
फूलचंद पर खेत में नहीं..जंगल के अंदर हुआ था हमला
एक फरवरी को बाघ हमले का शिकार हुए बैजूनागर निवासी फूलचंद के मामले में टाइगर रिजर्व प्रशासन ने अपनी जांच पूरी कर ली। टाइगर रिजर्व प्रशासन के मुताबिक फूलचंद का शव माला रेंज की गढ़ा बीट में करीब 800 मीटर अंदर मिला था। फूलचंद मानसिक मंदित भी था। फूलचंद पर बाघ ने जंगल के अंदर ही हमला किया था। इसलिए लिए फूलचंद के परिवार को कोई मुआवजा नहीं दिया जा सकता है। हालांकि उसके पास जमीन होने की बात कही जा रही है। ऐसे में जिला प्रशासन के माध्यम से मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
सात किमी के दायरे में हुई दोनों घटनाएं
टाइगर रिजर्व प्र्रशासन के मुताबिक बैजूनागर निवासी फूलचंद और विधिपुर निवासी रूपलाल पर हमला माला रेंज में सात किमी के दायरे में हुआ है। रूपलाल पर हमला माला रेंज मेें 300 मीटर अंदर और फूलचंद पर बाघ ने हमला माला रेंज की गढ़ा बीट में 800 मीटर अंदर किया था।
आसपास बसे दोनों गांवों में पसरा सन्नाटा, ग्रामीणों में खौफ
मृतक रूपलाल गांव विधिपुर, जबकि फूलचंद बैजूनागर के रहने वाले थे। पांच दिन के भीतर दो किमी के दायरे में बसे दो ग्रामीणों की मौत पर गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है। अधिकांश ग्रामीण अब खेतों की ओर जाने से कतराने लगे हैं। शाम होते ही ग्रामीण घरों में दुबकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब बाघ नरभक्षी होता जा रहा है। यदि इसको पकड़ा नहीं गया तो यह किसी अन्य ग्रामीण को भी अपना निवाला बना सकता है।
माला रेंज की लालपुर बीट में ग्रामीण पर वन्यजीव ने हमला किया है, लेकिन उसकी मौत हमले से हुई है या किन्हीं अन्य कारणों से इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हो सकेगा। घटनास्थल पर कैमरे लगवाकर कांबिंग तेज करा दी गई है। ग्रामीणों को सतर्क किया गया है। -नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व