हजरत सैयद अनवर अली शाह के उर्स में कव्वाली गाते कव्वाल । संवाद
पीलीभीत। मशहूर सूफ़ी संत सैयद अनवर अली शाह के उर्स-ए-मुबारक का कुल शरीफ़ बहुत ही एहतराम के साथ सम्पन्न हुआ। गुस्ल की रस्म जुमा को अदा की जाएगी।
सूफ़ी सैयद अनवर अली शाह का उर्स मंगलवार को कुरानख्वानी के साथ शुरू हुआ था। मोहल्ला भूरे खां स्थित दरगाह पर बृहस्पतिवार को असर की नमाज के बाद सूफी परंपराओं के साथ कुल शरीफ सम्पन्न हुआ। इसमें हजारों की तादाद में अकीदतमंदों ने शिरकत की। इस दौरान देश-दुनिया की बेहतरी के लिए दुआ की गई। तबर्रुक तकसीम किया गया।
मगरिब की नमाज के बाद मदरसा जामा-ए-अनवर में तालीम पूरी कर चुके 28 छात्रों की दस्तारबंदी की गई। दस्तारबंदी के दौरान कुरान मजीद की आयतों से मदरसा व दरगाह परिसर गूंज उठा। इस से पूर्व सूफिया निजाम के तहत दरगाह में हम्द, नात, मनकबत और कव्वालियों की महफिल सजी। कुरान की तिलावत, फातिहा व दुरूद के साथ सबकी भलाई के लिए दुआ की गई। मदरसा जामा-ए-अनवर व दरगाह के खादिम डॉ. बिलाल हसन चिश्ती साबरी ने बताया कि शुक्रवार (जुमा) को गुस्ल की रस्म के साथ उर्स का समापन होगा।