पीलीभीत। गजरौला में चल रहे दुर्गा पूजा मेले में हो बुधवार रात हुए हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद आधी रात तक मेला क्षेत्र के लेकर जिला अस्पताल तक पुलिस की गाड़ियां और एंबुलेंस दौड़ती रहीं। इधर, जांच में सामने आया कि बिना अनुमति के झूलों का संचालन किया जा रहा था।
घायलों के परिजनों के अनुसार चंद मिनट में ही मेला स्थल पर हालात बदल गए। करीब 30 फुट की ऊंचाई से बच्चों समेत अन्य लोग झूले से नीचे गिरे तो होश उड़ गए। ऐसे में उनकी मदद के लिए कई लोग आगे आए। इसमें एक बच्ची को अधिक चोट आई।
कुछ ही देर में सूचना पाकर डायल 112 व थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद एंबुलेंस से घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। आधी रात तक अस्पताल में पुलिस-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की गाड़ियां दौड़ती रहीं।
इधर, हादसे के बाद डीएम संजय कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना अनुमति मेले में झूले लगाने पर आयोजकों पर कार्रवाई के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए। सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर ने बताया कि आयोजकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई कराई जा रही है। इसको लेकर निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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आयोजक समेत तीन पर रिपोर्ट
हादसे के बाद गजरौला पुलिस की ओर से आयोजक और दो झूला संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गजरौला थाने में तैनात उपनिरीक्षक सुधीर कुमार की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि बिना अनुमति मेले में झूले लगाए गए थे। मेला अध्यक्ष गजरौला निवासी रामेश्वर दयाल के अलावा झूला संचालक गजरौला निवासी आबिद व मानपुर हटुआ निवासी इमरान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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घायलों का उपचार चल रहा है। एक बच्ची को चिकित्सकों ने हायर सेंटर रेफर किया है। मामले में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
- दीपक चतुर्वेदी, सीओ सिटी