पूरनपुर। कोविड टीकाकरण कराने के बाद वृद्धा की दूसरे दिन खाना बनाते समय तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। परिजन ने वृद्धा की हालत खराब होने की सूचना देने के दो घंटे तक चिकित्सक और एंबुलेंस के न पहुंचने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। बेटे ने टीकाकरण और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से मौत का आरोप लगाया। इसकी सूचना मिलने पर पहुंची सेहरामऊ उत्तरी पुलिस ने वृद्धा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है।
घटना सेहरामऊ उत्तरी थाना के गांव बागर की है। गांव निवासी सतीश पुत्र बांकेलाल ने बताया कि उसकी मां रामवती (83) ने मंगलवार को कुर्रैया पीएचसी पहुंचकर टीका लगवाया था। टीकाकरण के बाद उसकी मां को एक कार्ड देकर मोबाइल नंबर नोट कराया गया। कहा गया था कि अगर कोई परेशानी महसूस हो, तब इस नंबर पर कॉल करें। पहले दिन मां स्वस्थ थी। बुधवार दोपहर घर में खाना बना रही थी। अचानक हालत खराब होने लगी। वह गश खाकर गिर गईं। मां की हालत खराब होने पर दिए गए मोबाइल नंबर पर फोन किया।
आरोप है कि कॉल करने के तीन घंटे बाद भी न तो कोई स्वास्थ्य कर्मी आया, न ही एंबुलेंस भेजी गई। इस दौरान मां ने दम तोड़ दिया। इसके बाद ग्रामीण भी जमा हो गए। परिवार ने स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही और टीकाकरण से मौत का आरोप लगाया। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची तो हंगामा करते हुए नाराजगी जताई। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रेम सिंह राजपूत ने बताया कि परिवार वालों के कहने पर और मौत की वजह जानने को पुलिस को सूचना दी गई थी। एसओ सेहरामऊ उत्तरी आशुतोष रघुवंशी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के मेमो पर रामवती के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा गया है। कोई तहरीर नहीं मिली है।
बेटे सतीश ने यह भी बताया कि मां जब टीकाकरण कराने को मंगलवार को घर से निकली थी। तब उन्होंने पिता को भी टीकाकरण कराने की सलाह दी थी। मगर पिता बांकेलाल बीमारी के चलते टीकाकरण कराने नहीं गए थे।
जिस वॉयल से वृद्धा को टीका लगाया गया, उसी वॉयल से नौ अन्य लोगों को भी टीका लगाया गया है। अन्य नौ लोग ठीक हैं। टीका लगने से वृद्धा की मौत नहीं हुई हैै। परिवार वालों की मांग पर मौत की वजह जानने को वृद्धा के शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है। - डॉ. प्रेम सिंह राजपूत, प्रभारी चिकित्साधिकारी