पीलीभीत। नगर पंचायत जहानाबाद चेयरमैन ममता गुप्ता के मकान के बाहर गाली गलौज कर अभद्रता करने का वीडियो वायरल होने पर निलंबित किए गए इंस्पेक्टर मनीराम सिंह 32 दिन में ही बहाल हो गए। राजनीतिक रूप से विधायकों तक मजबूत पकड़ रखने वाले इंस्पेक्टर मनीराम को अफसर लंबे समय तक निलंबित नहीं रख पाए। हालांकि उन्हें अभी कहीं तैनाती नहीं दी गई है।
जहानाबाद थाने में तैनाती के दौरान 28 अप्रैल की रात मनीराम सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। इसमें सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों के साथ वह नगर पंचायत चेयरमैन ममता गुप्ता और उनके पति दुर्गाचरण गुप्ता से गाली गलौज करते दिखाई दे रहे थे। चेयरमैन पति ने इंस्पेक्टर मनीराम सिंह पर गोतस्करों से सांठगांठ का भी आरोप लगाया था। दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला था। वहीं बहाल हुए इंस्पेक्टर मनीराम सिंह का कहना था कि वह छेड़छाड़ और पिटाई की एक शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने गए थे। इस पूरे मामले में राजनीति भी गरमा गई थी। कई भाजपा नेताओं ने नाराजगी जताते हुए इंस्पेक्टर मनीराम सिंह पर कार्रवाई की मांग भी की थी। बरेली से भाजपा के दो बड़े नेता भी इंस्पेक्टर मनीराम पर कार्रवाई के लिए अड़ गए थे। इसके बाद 29 अप्रैल को मनीराम सिंह को निलंबित कर दिया था। हालांकि अधिकारी लंबे समय तक इंस्पेक्टर को निलंबित नहीं रख पाए। 32 दिन में ही उन्हें बहाल करना पड़ा। अभी वह पुलिस लाइन में हैं। उन्हें किसी थाने में तैनाती फिलहाल नहीं दी गई है। मगर, इंस्पेक्टर की बहाली के साथ ही एक बार फिर मामला चर्चा का विषय बन गया है।