पीलीभीत। सामुदायिक शौचालय के निर्माण में मानकों की अनदेखी मिलने पर भैंसहा ग्वालपुर के ग्राम विकास अधिकारी पर कार्रवाई की गई। डीडीओ ने ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित करने के बाद उन्हें मरौरी ब्लॉक से अटैच कर दिया है। आरोपों की विस्तृृत जांच बीडीओ मरौरी को दी गई है। उधर, डीएम ने भी मामले की पत्रावली तलब की है। ऐसे में ग्राम विकास अधिकारी की मुश्किलें अभी और बढ़ेंगी।
मामला बरखेड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत भैंसहा ग्वालपुर का है। यहां निर्माणाधीन सामुदायिक शौचालय में मानकों की अनदेखी की शिकायत बीते दिनों हुई थी। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के जेई वेदप्रकाश त्रिपाठी और मनरेगा के तकनीकी सहायक राधेश्याम शर्मा ने मौके पर जाकर जांच की, तो शौचालय निर्माण में दोयम दर्जे की लगी ईंट और दीवार में दरारें पड़ी मिली थी। शौचालय का निर्माण मानकों के अनरूप नहीं था। ग्राम प्रधान और वीडीओ धर्मदास वर्मा से जवाब तलब किया गया था। दोनों ने इसमें सुधार कराने की बात कही थी, मगर अब गांव वाले सवाल उठा रहे हैं कि शौचालय निर्माण में लगे दोयम ईंट को नहीं बदला गया। डीएम ने मामले में एफआईआर के भी निर्देश बीते दिनों दे दिए थे। ग्राम प्रधान और वीडीओ से जवाब तलब करने के बाद खंड विकास अधिकारी बरखेड़ा सुनील कुमार जायसवाल ने पत्रावली डीपीआरओ और डीडीओ को भेज दी थी। सोमवार दोपहर बाद पत्रावली पहुंचते ही डीडीओ योगेंद्र कुमार पाठक ने वीडीओ धर्मदास वर्मा को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि शौचालय निर्माण में अधोमानक सामग्री लगाने, शासकीय धनराशि का दुरुपयोग करने पर कार्रवाई की गई है। उधर, डीएम पुलकित खरे का कहना है कि शौचालय निर्माण की पत्रावली मंगाई गई है। उसमें सभी बिंदुओं को गहनता से देखा जाएगा। वह उसी के आधार पर आगे कार्रवाई करेंगे।