पीलीभीत/ न्यूरिया। फुलहर, मंडरिया आदि गांवों में दहशत का पर्याय बने बाघ को पकड़ने में वन विभाग की मदद की जिम्मेदारी सूर्या और भीमा (हाथी) ने संभाली है। यह दोनों पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज से आए हैं। शुक्रवार को हाथियों से बाघ की निगरानी की गई।
शुक्रवार की दोपहर करीब 1:30 एक बजे प्राथमिक विद्यालय विथरा में सूर्या और भीमा को रोका गया था। वन विभाग के कर्मचारी भी थे। हाथियों का पता चला तो ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। स्कूल गेट पर सौ से अधिक ग्रामीण जमा हुए। इनमें बच्चों की संख्या अधिक रही। स्कूल का गेट बंद होने से बच्चे बाउंड्री पर चढ़ गए। वन कर्मियों ने बताया कि हाथियों को लोकेशन मिलते ही भेजा जाएगा। करीब एक घंटे बाद हाथियों को वापस भेजा गया। रास्ते में भी लोग हाथियों की फोटो और वीडियो बनाते नजर आए।
खेतों में जाने से लगता डर, खेती-किसानी पर असर
न्यूरिया। बाघ की चहलकदमी से करीब 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों के ग्रामीणों में दहशत है। खेती-किसानी ठप है। खेतों में खाद और अन्य कामों से जाने वाले ग्रामीण पांच से सात लोगों का झुंड बनाकर जा रहे हैं। शुक्रवार दोपहर गांव मंडरिया में चर्चा कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि बाघ पकड़ा नहीं जा रहा है। खेती-किसानी भी प्रभावित हो रही है।
इश्वरी प्रसाद
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