पीलीभीत। वन हेल्थ प्रोग्राम के पायलट प्रोजेक्ट में उत्तर प्रदेश के दो चयनित जिलों में पीलीभीत का नाम भी शामिल है। इस प्रोजेक्ट के तहत स्वास्थ्य विभाग इंसानों, जानवरों के स्वास्थ्य संबंधी सर्वे के साथ ही वातावरण को स्वच्छ बनाने की मुहिम पर काम करेगा। राष्ट्रीय संस्था जपायिगो के सहयोग से जिला पीलीभीत में वन हेल्थ प्रोग्राम चलाया जाएगा। इसकी शुरूआत जिले के आकांक्षी ब्लॉक पूरनपुर से कर दी गई है।
वन हेल्थ प्रोग्राम में इंसानों, जानवरों व वातावरण को स्वच्छ रखने के साथ ही एक-दूसरे की स्वच्छता में पूरक भूमिका निभाने पर संस्था कार्य करती है। उत्तर प्रदेश में वन हेल्थ मिशन के पायलट प्रोजेक्ट में सर्वप्रथम जिला गोरखपुर व पीलीभीत का चयन किया गया है। यह प्रोग्राम संस्था जपायिगो के सहयोग से जिले में चलाया जाएगा।
प्रोग्राम के तहत पशुपालन विभाग, सामाजिक वानिकी, पंचायती राज, नगर पालिका सहित स्वास्थ्य विभाग यह कार्यक्रम चलाएगा। इंसानों के तरह जानवरों व जिले के वातावरण को स्वच्छ रखने की इस मुहिम को जपायिगो के कर्मियो ने जिले के आंकाक्षी ब्लॉक पूरनपुर से इसकी शुरूआत कर दी है।
इसमें संबंधित टीम विभागों से सामंजस्य बैठाते हुए गांव-गांव स्तर पर पशुओं व इंसानों में होने वाली बीमारियों का सर्वे, उनका ब्लड कलेक्शन, पोल्ट्री फॉर्म पर जाकर वर्ड फ्लू, पिग फॉर्म पर जाकर स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियां व जिले में वातावरण से प्रभावित डेंगू, मलेरिया, संक्रमित बीमारियों वाले इलाकों का सर्वे करेंगी।
इसके साथ इंसानों में बढ़ती बीमारियों के सर्वे के साथ स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से उनके उपचार, जानवरों की बीमारियों की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग से समय-समय टीकाकरण व वातावरण प्रभावित क्षेत्रों को पंचायती राज व नगर निकाय स्तर पर स्वच्छ बनाएगी। सीएमओ डॉ. आलोक कुमार शर्मा ने बताया वन हेल्थ प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य इंसानों के साथ जानवरों की बीमारियों का सर्वे कर उनका उपचार शुरू कराना व वातावरण को स्वच्छ बनाने की मुहिम शुरू करना है। जिससे तीनों ही प्राणी स्वच्छ रहे और बढ़ती बीमारियों पर नियंत्रण लाया जा सके।