पीलीभीत। ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए एक संस्था ने अधिकारियों को बिना बताए 200 कर्मचारी लगाकर गांवों में सर्वे कराने की बात कही। यह मामला संज्ञान में आने पर सीडीओ ने संस्था मैनेजर को फटकार लगाते हुए नाराजगी जताई। साथ ही कहा कि वह गंभीरता से सर्वे कराएं। सर्वे में सहयोग के लिए खंड विकास अधिकारी से पत्राचार किया जाएगा।
केंद्र सरकार ग्रामीण इलाकों में घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के प्रति गंभीर है। वर्ष 2024 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। लखनऊ की एक संस्था से गांवों में पेयजल की वर्तमान हालत का पता लगाने के लिए सर्वे होना है। संस्था के मैनेजर द्वारा 200 से अधिक कर्मचारी लगाकर ग्रामीण इलाकों में एक माह से सर्वे कराने का दावा किया गया। खास बात यह थी कि संस्था मैनेजर ने सर्वे कराने के दावे तो कर दिए, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों को सर्वे कराने की जानकारी तक नहीं दी गई। बुधवार को सीडीओ श्रीनिवास मिश्र ने संस्था मैनेजर को बुलाकर सर्वे के बारे में जानकारी की और बिना सूचना के काम कराने पर नाराजगी जताई। साथ ही अब तक किए गए सर्वे पर भी सवाल खड़े किए। सीडीओ ने बताया कि ग्रामीण पेयजल स्वच्छता सर्वे को गंभीरता से कराया जाएगा। समस्त बीडीओ को पत्र जारी किए जाएंगे, ताकि सर्वे में सहयोग मिल सके।