सिंचाई विभाग के अधीक्षण और अधिशासी अभियंता ने हरदोई नहर की पटरी कटने का स्थान देखा। वहीं स्थानीय अभियंताओं ने आधी रात तक कार्य कराने के बाद नहर में पानी छोड़ दिया।
हरदोई ब्रांच नहर में डेढ़ माह से सिल्ट सफाई के साथ दोनों किनारों को मजबूत करने के नाम पर मरम्मत कार्य कराए जा रहे थे। इसमें अभियंताओं ने कहीं बांस के खूंटे लगाए और कहीं पत्थर की पिचिंग लगाई, लेकिन जिन स्थानों पर पत्थर की पिचिंग लगाई गई, वहां पानी के तल के किनारे न तो टूबॉल (नीचे का फाउंडेशन) बनाए गए और न ही पिचिंग को पैनल बनाकर लगाया गया। इसका नतीजा यह रहा कि पानी का रिसाव होने लगा। इससे नहर कटने की स्थिति पैदा हो गई। गनीमत रही कि मौके पर उस वक्त मजदूर मौजूद थे। उनकी सूचना के बाद स्थिति को तुरंत संभाल लिया गया। तीन दिन पहले नहर को बंद कर मरम्मत का कार्य कराया गया। इधर, रविवार शाम अधीक्षण अभियंता जीवनराम और अधिशासी अभियंता दीपक यादव ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अभियंताओं को मरम्मत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उधर, भीषण गर्मी के चलते लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली तक पानी की डिमांड हो रही है। लिहाजा मरम्मत के बाद हरदोई ब्रांच में पानी छोड़ दिया गया।