पीलीभीत। जिले की तीन चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का अब भी 120 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। यह स्थिति तब है जब बीते माह शासन ने बकाया अदा न करने वाली चीनी मिलों को नया गन्ना पेराई सत्र शुरू करने से पहले शत-प्रतिशत बकाया भुगतान करने के आदेश दिए हुए हैं। इसके चलते किसानों की दिवाली भी फीकी रही।
चीनी मिलों को नियमानुसार 14 दिन के भीतर सप्लाई किए गए गन्ने का भुगतान करने के आदेश हैं। बावजूद इसके चीनी मिलें साल-साल भर किसानों की रकम दबाए बैठी रहती हैं। बीते माह प्रदेश के गन्ना आयुक्त संजय आर भुसरेड्डी ने बकाया अदा न करने वाली चीनी मिलों को नया पेराई सत्र शुरू करने से पहले शत प्रतिशत बकाया भुगतान करने के आदेश दिए थे। शासन के इस आदेश को चीनी मिलों में तामील भी करा दिया गया, मगर उन्होंने आदेश को गंभीरता से नहीं लिया।
जिले में गन्ने के बकाया भुगतान की स्थिति पर गौर करें तो दो सहकारी मिलों समेत तीन चीनी मिलों पर अब भी 120.24 करोड़ रुपये की देनदारी है। जिले की चार चीनी मिलों में मात्र एलएच चीनी मिल ने ही पेराई सत्र शुरू करने से पहले किसानों का शत प्रतिशत भुगतान किया। इस मिल द्वारा 734.34 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। वहीं पिछले साल की तरह इस साल भी बरखेड़ा चीनी मिल भुगतान के मामले में फिसड्डी साबित हुई। इस मिल ने गन्ने की पेराई तो शुरू कर दी, मगर किसानों का अब भी 79.17 करोड़ रुपया दबाए बैठी है। चीनी का स्टाक न उठने से शेष बची दो सहकारी चीनी मिलों पर अब भी देनदारी है। इसमें पूरनपुर चीनी मिल पर 17.10 करोड़ और बीसलपुर चीनी मिल पर 23.95 करोड़ रुपया बकाया चल रहा है। रबी फसलों की बुवाई शुरू हो चुकी है, ऐसे में किसानों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
एलएच चीनी मिल को छोड़कर तीन चीनी मिलों ने अब भी किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया है। चीनी का स्टाक न उठने से समस्या आ रही है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द किसानों का शेष बचा बकाया भुगतान कराया जा सके। - जितेंद्र मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी