पीलीभीत। गन्ना भवन में सोमवार को केन इंप्लीमेंटेशन कमेटी की जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में सट्टा नीति के अनुसार छोटे किसानों को गन्ना पर्ची जारी करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा तौल पर नजर रखने के लिए टीम का गठन किया गया।
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि जनपद में 2,00,428 गन्ना कृषकों में से 71,677 छोटे किसान हैं। इसमें 49036 के पास पेड़ी/शरदकालीन पौधा गन्ना उपलब्ध है। अब तक 25,618 छोटे कृषकों को 74851 पर्चियां जारी की जा चुकी हैं। बैठक में नए किसानों का शत प्रतिशत कैलेंडरिंग कराने के लिए गन्ना समिति के सचिवों को निर्देश दिए गए।
मिल गेट एवं वाह्य गन्ना क्रय केंद्रों पर समानुपातिक गन्ना खरीद करने के भी निर्देश दिए गए। तौल लिपिकों का ऑनलाइन लाटरी से ट्रांसफर करने के साथ क्रय केंद्रों पर तौल करने के निर्देश दिए गए। इसकी हकीकत परखने के लिए टीमों का गठन भी किया गया।
उन्होंने कहा कि टीम में शामिल सचिव, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, खांड़सारी निरीक्षक क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जाम की समस्या को रोकने के लिए क्रय केंद्रों पर बिना पर्ची के कोई गन्ना ट्रॉली न खड़ी की जाए।
बैठक में शरदकालीन गन्ना बुआई, क्रय केंद्रों के निरीक्षण, फार्म मशीनरी बैंक के संचालन एवं अन्य बिंदुओं पर समीक्षा की गई। बैठक मे बीसलपुर गन्ना समिति के अध्यक्ष राजेश सिंह के अलावा ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, सचिव, खांड़सारी निरीक्षक, चीनी मिल पूरनपुर, बरखेड़ा, पीलीभीत, फरीदपुर, बीसलपुर, मकसूदापुर, एवं गुलरिया मिलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।