पीलीभीत। गन्ने की कटाई के लिए मजदूरों की कमी और बढ़ती लागत से जूझ रहे किसानों को राहत देने के लिए जिले में मशीनीकरण की पहल की जा रही है। गन्ना विकास परिषद की ओर से सेल्फ प्रोपेल्ड केन हार्वेस्टर (स्वचालित गन्ना कटाई मशीन) खरीदी जा रही है। मशीन से एक पेराई सत्र में करीब 450 एकड़ गन्ने की कटाई का लक्ष्य रखा गया है। इसके संचालन, कार्यक्षमता और उपयोगिता को लेकर सहकारी गन्ना विकास समिति में कार्यशाला आयोजित की गई।
जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव ने बताया कि मशीन का रखरखाव एलएच चीनी मिल, पीलीभीत की ओर से किया जाएगा। कार्यशाला में मशीन की कार्यक्षमता, कटाई की दर और संभावित गन्ना हानि जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। किसानों को मशीन के सुचारु संचालन के लिए चार फीट की कतार दूरी रखने और ट्रेंच विधि से गन्ने की बुवाई करने के लिए प्रेरित किया गया। सहकारी गन्ना विकास समिति के अध्यक्ष चौधरी दिग्विजय सिंह ने कहा कि केन हार्वेस्टर आने से गन्ना किसानों को कटाई के लिए मजदूरों की कमी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। मशीन से कटाई होने पर समय की बचत होगी और काम भी तेजी से पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने ट्रेंच विधि से बुवाई को भी किसानों के लिए उपयोगी बताया। इससे गन्ने की पैदावार बढ़ाने में मदद मिल सकती है। कार्यशाला में किसानों को मशीन के अनुकूल खेत तैयार करने और कतारों के बीच उचित दूरी बनाए रखने की जानकारी दी गई। मशीन से कटाई के दौरान गन्ने की संभावित हानि को कम करने तथा बेहतर परिणाम पाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई। मौजूद अधिकांश किसानों ने मशीन के उपयोग के प्रति सहमति जताई। कार्यशाला में एलएच चीनी मिल के उपमहाप्रबंधक (गन्ना) एसएस चौहान, बरखेड़ा चीनी मिल के उपमहाप्रबंधक (गन्ना) संजीव राठी, पीलीभीत, पूरनपुर और बीसलपुर के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, पीलीभीत व बीसलपुर के सचिव, गन्ना पर्यवेक्षक और जिले के प्रगतिशील गन्ना किसान मौजूद रहे।