मझोला का जीवन कही जाने वाली छह से साल बंद पड़ी सहकारी चीनी मिल के आगामी सीजन से शुरू होने की संभावनाएं बढ़ी नजर आने लगी हैं। आईपीएल ग्रुप (इंडियन पोटाश लिमिटेड) कंपनी की टीम ने कुछ दिन पूर्व मझोला पहुंचकर मिल की स्थिति का आंकलन किया। कंपनी चीनी मिल को लीज पर लेने की तैयारी कर रही है।
जिले की तीन सहकारी मिलों में सबसे पहले वर्ष 1963-64 में स्थापित हुई मझोला सहकारी मिल को करीब छह साल पूर्व वर्ष 2009-10 में कुछ दिन चलने के बाद बंद कर दिया गया था। मिल बंद होने के बाद इस क्षेत्र के किसानों को शहर की एलएच सहित विभिन्न चीनी मिलों से संबद्ध कर गन्ना सप्लाई कराया गया था। मिल बंद होने से कस्बे का व्यापार ठप पड़ गया था, वहीं मिल में लगे लगभग एक हजार कर्मचारी भी बेरोजगार हो गए थे। मिल बंद होने के बाद से ही इसे पुन: चालू कराने की मांग उठ रही थी, लेकिन इस चुनावी वर्ष में मझोला वासियों की यह मांग जल्द पूरी होने की उम्मीद जगी है। जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बाद अधिकारियों ने इसे चलाने की संभावनाओं की जांच की। करीब एक माह पूर्व डीएम ने भी एलएच मिल एवं पूरनपुर सहकारी मिल के स्टाफ के साथ मझोला पहुंचकर मिल का निरीक्षण किया था। डीएम के निरीक्षण के बाद देश की प्रमुख खाद उत्पादक कंपनी आईपीएल (इंडियन पोटाश लिमिटेड), जो कई चीनी मिलें भी चलाती है, की टीम ने मझोला पहुंचकर मिल की स्थिति का आंकलन किया था। सूत्रों की मानें तो आईपीएल की मुख्यमंत्री स्तर पर वार्ता होने के बाद लीज पर लिए जाने के निर्णय पर अंतिम मोहर लग चुकी है। इस वक्त इसकी औपचारिकताएं पूर्ण की जा रही हैं। उम्मीद की जा रही है कि गन्ना सीजन शुरू होने से पूर्व मिल चालू कराने की समस्त कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। मिल शुरू होने से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और जिले में गन्ने का उत्पादन भी बढ़ेगा।
मिल चलवाने को हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। चार दिन पूर्व लखनऊ में प्रमुख सचिव एवं गन्ना आयुक्त से भी इस विषय पर वार्ता हुई है। जल्द सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।
- मासूम अली सरवर, डीएम