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चीनी मिलों पर किसानों का 170 करोड़ बकाया

Fri, 19 Feb 2016 11:13 PM IST
पीलीभीत
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कोर्ट के आदेश के बावजूद गन्ना किसानों को भुगतान नहीं मिल रहा है। जिले की चारों मिलों पर गन्ना किसानों का 170 करोड़ रुपया बकाया है। इसमें सबसे ज्यादा बरखेड़ा की बजाज मिल पर 97 करोड़ रुपया बाकी है।
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गन्ने का सीजन शुरू होने पर हाईकोर्ट ने मिलों को खरीदे गए गन्ने का 14 दिन के अंदर भुगतान के निर्देश दिए थे लेकिन जिले की मिलें इसका पालन नहीं कर रही हैं। जिले की चारों मिलों का बात करें तो मिलें 18 फरवरी तक 164.94 लाख क्विंटल गन्ना खरीद चुकी हैं।  इसका कुल मूल्य 414.22 करोड़ रुपये बनता है लेकिन मिलों ने इसके सापेक्ष अभी मात्र 244.46 करोड़ रुपये का भुगतान की किया है। इस तरह मिलों पर गन्ना किसानों का 169.76 करोड़ रुपया बकाया है। गन्ना खरीद और भुगतान में एलएच मिल सबसे आगे है। मिल 18 फरवरी तक 86.05 लाख क्विंटल गन्ना खरीद चुकी है। इसमें मिल ने 230 रुपये प्रति क्विंटल के किसाब से सात फनरवरी तक खरीदे गए गन्ने का 169.41 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। वहीं बरखेड़ा स्थित बजाज मिल ने इस बार अब तक मात्र 45.24 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा है जिसके सापेक्ष मात्र 29.17 करोड़ का ही भुगतान किया है। मिल पर 97.34 करोड़ रुपया बाकी है। वहीं जिले की दोनों सहकारी मिलों ने भी इस बार अभी तक लगभग आधा भुगतान ही किया है।
 
गन्ना मिलों की भुगतान की स्थिति
मिल       खरीद       मूल्य     भुगतान    बकाया
एलएच   86.05    204.01    169.41    34.60
बजाज    45.24    126.51    29.17     97.34
पूरनपुर    17.66     39.27     22.60    16.67
बीसलपुर  15.99     44.43    23.28      21.15
कुल योग  164.94   414.22   244.46    169.76
(खरीद लाख क्विंटल में, धनराशि करोड़ में)

25 से आंदोलन करेगी भाकियू
गन्ना भुगतान न होने से किसानों को दिक्कत आ रही है। कोर्ट के आदेश पर भी किसानों को भुगतान के लिए भटकना पड़ रहा है। राष्ट्रीय आहवान पर गन्ना मूल्य भुगतान के विरोध में  25 फरवरी से मिलों के सामने धरना प्रदर्शन कर आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए क्षेत्र में बैठकें कर रणनीति बनाई जा रही है। शुरूआत बरखेड़ा मिल से की जाएगी।
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- सतविंदर सिंह काहलो, जिलाध्यक्ष, भाकियू

गन्ना किसानों को गत वर्ष की अपेक्षा इस बार भुगतान की स्थिति काफी ठीक है। केवल बरखेड़ा मिल पर अधिक बकाया है। इसके लिए किसानों को भुगतान के साथ चीनी भी दी जा रही है।
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-राजेश्वर यादव, डीसीओ
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