बरखेड़ा स्थित बजाज चीनी मिल से भुगतान न मिलने के विरोध में किसानों ने मंगलवार को मिल बंद कराकर आंदोलन शुरू किया था। दो दिन धरने के बाद किसानों ने अनशन शुरू कर दिया। शनिवार को भी सुबह पांच किसान क्रमश: कमलेश कुमार, नत्थूलाल, संजय कुमार, परमेश्वरी व रीतराम अनशन पर बैठे। दोपहर को भाकपा माले की कृष्णा अधिकारी एवं बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा भी किसानों से वार्ता को पहुंचे। शाम तक अनशन जारी रहने पर जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव, एसडीएम बीसलपुर एपी श्रीवास्तव, सीओ सुवेग सिंह सिद्धू एवं मिल के जोनल मैनेजर संजय त्रिपाठी, क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज अग्रवाल आदि ने किसानों के प्रतिनिधि मंडल के अशोक गंगवार, राजेंद्र पाठक, कमलेश गंगवार व परमेश्वरी दयाल से वार्ता की। वार्ता के दौरान मिल अधिकारियों ने किसानों को बताया कि दोपहर को किसानों के खातों में पिछले साल के बकाए का चार करोड़ रुपया भेजा जा चुका है। शेष भुगतान चीनी बिक्री के साथ लगभग दो करोड़ प्रतिदिन के हिसाब से देने का आश्वासन दिया गया। किसानों की मांग पर मिल अधिकारियों ने लिखित में समझौता दिया जिसपर अधिकारी व किसान प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए। समझौता होने के बाद किसान प्रतिनिधियों ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। मिल के जोनल मैनेजर संजय त्रिपाठी व जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव ने संयुक्त बयान में बताया कि आंदोलन समाप्त हो गया है। किसानों का सभी भुगतान समय से करा दिया जाएगा।
मेनका का पुतला फूंकने का किया प्रयास
मिल पर आंदोलनकारियों में कई नेता किसानों के साथ अपना राजनैतिक हित साधने में भी लगे थे। इसके क्रम में कुछ लोगों ने दोपहर को केंद्रीय मंत्री का पुतला दहन करने का प्रयास किया। पुतला लेकर धरना स्थल पहुंचने की जानकारी पर परमेश्वरी दयाल अनशन छोड़कर बाहर पहुंचे और केंद्रीय मंत्री का पुतला छीनकर नष्ट कर दिया। इसको लेकर उनकी दूसरे गुट से कहासुनी भी हुई।
मिल चलने में लगेंगे छह से आठ घंटे
किसानों के आंदोलन के कारण पांच दिन से बंद पड़ी मिल चलाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मिल प्रबंधन के अनुसार मिल चलाने में छह से आठ घंटे लगेंगे।