पूरनपुर। तकनीकी खराबी आ जाने से चीनी मिल में गन्ना पेराई 12 घंटे बंद रही। इस दौरान गन्ना की तौल बंद कर दी गई। इससे वाहनों की लंबी लाइनें असम हाईवे पर लग गईं। टोकन देना बंद होने से किसानों ने जीएम आवास के बाहर हंगामा किया। किसानों की जीएम से नोकझोंक भी हुई। टोकन जारी होने पर ही किसान शांत हुए।
तकनीकी खराबी के चलते चीनी मिल आए दिन बंद हो जाती है। बृहस्पतिवार शाम को फिर तकनीकी खराबी बताकर चीनी मिल बंद कर दी गई। गन्ना लदे वाहनों के साथ किसान रात भर तौल शुरू होने का इंतजार करते रहे। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। चीनी मिल यार्ड भी गन्ना लदे वाहनों से भर गया। शुक्रवार सुबह खराबी दूर होने पर चीनी मिल चली तो पहले टोकन लेकर लाइन में खड़े किसानों की तौल शुरू कर दी गई, लेकिन असम हाईवे के दोनों ओर लाइन में खड़े किसानों को टोकन जारी करना बंद कर दिया गया। सूचना चस्पा कर दी गई कि टोकन 22 मार्च से जारी होंगे। इस पर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसानों ने चीनी मिल जीएम के आवास के बाहर हंगामा काटा। उनकी जीएम से नोकझोंक भी हुई। जीएम का कहना था कि चीनी मिल यार्ड में किसानों की भीड़ न एकत्र हो। इसलिए नए किसानों को टोकन जारी करने से रोका गया है। हंगामे के बाद टोकन जारी होना शुरू हुआ, तब किसान शांत हुए।
ब्यालर की खराबी से चीनी मिल बृहस्पतिवार शाम नौ बजे बंद हुई थी। शुक्रवार सुबह पांच बजे मिल को चलवा दिया गया। कोरोना वायरस के चते भीड़ न हो। इसलिए टोकन रुकवाया गया था। किसान नहीं माने। शनिवार को गन्ना सप्लाई का इंडेंट रोका गया है।
- वीपी पांडेय, प्रधान प्रबंधक
बीसलपुर। सहकारी गन्ना विकास समिति बीसलपुर से जारी की गईं पर्चियों का गन्ना तौलवाने के लिए बरखेड़ा चीनी मिल समेत गन्ना क्रय केंद्रों पर किसान एक साथ पहुंच गए। इससे गन्ना लदे वाहनों से सेंटरों पर जाम की स्थिति बन गई। चीनी मिल समेत केंद्रों पर लंबी लाइनें लग गईं। पहले गन्ना का भार कराने को लेकर पिछले दो दिन से अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। समस्या के चलते शुक्रवार को मिल समेत 50 केंद्रों पर तौल ठप रही। चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक ने समिति के सचिव को पत्र भेजकर पर्चियां जारी नहीं करने को कहा है।
बरखेड़ा की बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक ललित तोमर ने बताया कि सहकारी गन्ना विकास समिति की ओर गन्ना किसानों के लिए पर्चियां जारी की जाती हैं। जिन पर किसानों को गन्ना तौलवाने के लिए दो से तीन दिन का समय होता है। बताया कि लगातार पर्ची जारी होने के कारण किसानों के गन्ना लदे वाहनों की संख्या अधिक हो गई। इससे क्रय केंद्रों पर जाम के हालात हो गए। इसके चलते शुक्रवार को 50 केंद्रों पर तौल ठप रही। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि समिति सचिव को पत्र भेजकर पर्ची जारी नहीं करने को कहा गया है। उधर, सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव आरपी कुशवाहा ने बताया कि चीनी मिल बरखेड़ा गेट पर गन्ने के वाहनों का जाम लगा है। बताया कि जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।