पीलीभीत। गन्ना लदे वाहनों से होने वाले हादसों की रोकथाम के लिए सोमवार को डीएम वैभव श्रीवास्तव, एसपी अभिषेक दीक्षित समेत कई अफसरों ने मंथन किया। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक करते हुए गन्ना वाहनों की आवाजाही के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने को रणनीति बनाई।
शहर में आबादी के बीच स्थित एलएच चीनी मिल के पेराई सत्र के शुरू होने के बाद गन्ना वाहनों की आवाजाही से यातायात बाधित होने लगा है। डीएम ने एलएच चीनी मिल के अधिकारियों और एआरटीओ अमिताभ राय को निर्देश दिए कि ओवर लोडिंग न होने दी जाए। गन्ने की ऊंचाई निर्धारित रहे। वाहनों में रेडियम रिफ्लेक्टर लगा हो। शुगर मिल अफसरों को चेतावनी दी कि बिना रिफ्लेक्टर लगे वाहन निकलते पाए गए तो प्रत्येक ट्रॉली पर एक हजार रुपये के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा। गन्ना वाहनों की पार्किंग के लिए खकरा पुल, धनकुना रोड, टनकपुर रोड पर कचहरी के आगे, गजरौला के पास बोर्ड लगवाने को कहा। शहर में जाम न लगे, इसके लिए आउटर पर वाहनों को रोकें। उनको तब छोड़ा जाए, जब शहर की सड़कें खाली हों। 60 वालंटियर मुहैया उपलब्ध कराएं, इनकी दो शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जाएगी।
बाद में अफसरों गौहनिया चौराहा, असम चौराहा होते हुए देवहापुल तक गए और धरातल पर चल रही हकीकत को जाना। टनकपुर हाईवे, माधोटांडा रोड पर चीनी मिल से पांच-पांच किमी तक इंटर लॉकिंग कराने के निर्देश दिए। ईओ नगर पालिका निशा मिश्रा से कहा कि आसाम चौराहा से नौगवां पकडिया गांव तक सड़क का चौड़ीकरण कराएं। एलएच चीनी मिल में गन्ना वाहनों के रिजर्व में खडे़ होने का जायजा लिया। कहा कि ट्रकों का आवागमन रात 10 से सुबह सात बजे तक किया जाए। दिन में ट्रैक्टर ट्रॉलियों के माध्यम से गन्ना पूर्ति की जाए। एडीएम अतुल सिंह, एएसपी रोहित मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट ऋतु पूनिया, सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र मिश्र, चीनी मिल, पीडब्ल्यूडी, नगरपालिका अफसर मौजूद रहे।