अमरिया विकास खंड की ग्राम पंचायत उदयपुर माफी के ग्राम पंचायत सदस्य फईम अहमद ने गांव में विकास कार्य न होने और फर्जी काम दर्शाकर लाखों रुपये के गबन की शिकायत की थी। जांच में गबन का आरोप सही पाया गया। इसके बाद भी ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। उसने कई बार शपथ पत्रों के साथ पुन: शिकायत कर कार्रवाई की मांग की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार को वह पुन: विकास भवन पहुंचा। उसका आरोप है उसने सीडीओ के पास जाकर शिकायत की लेकिन उन्होंने उसकी बात को अनसुना कर दिया। बार बार शिकायत के बाद भी प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी पर कार्रवाई न होने से आहत फईम ने थैले में रखी कैरोसिन की बोतल निकाल कर अपने ऊपर डाल लिया लेकिन जब तक वह लाइटर से आग लगाता इससे पहले ही वहां मौजूद एलआईयू के सब इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने उसे पकड़ लिया और कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया। कोतवाल अतुल प्रधान ने बताया युवक से पूछताछ की जा रही है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
31 दिसंबर को की थी शिकायत
ग्राम पंचायत सदस्य फईम ने विकास कार्यों के नाम पर गबन की शिकायत 31 दिसंबर 2014 को की थी। इसकी जांच में चार लाख गबन पाया गया था जबकि फईम का आरोप है कि इसमें 25 लाख से अधिक का गबन हुआ है। फईम का कहना है कि गबन निकलने के बाद भी प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद से वह लगातार अधिकारियों से शिकायतें करता आ रहा है।
पहले भी दे चुका है आत्मदाह की धमकी
प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी पर कार्रवाई न होने पर फईम ने सात मई को सदर तहसील में प्रार्थनापत्र दिया और मौखिक रूप से आत्मदाह करने की चेतावनी भी अधिकारियों को दे दी इसके बाद भी अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया।
जांच के बाद ग्राम पंचायत अधिकारी को सस्पेंड किया जा चुका है। प्रधान से भी रिकवरी को नोटिस भेजा जा चुका है। फिर भी वह पूरे मामले की जांच कराएंगे और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
ओएन सिंह, डीएम