छात्रवृत्ति मामले में उपाधि महाविद्यालय प्रशासन द्वारा बरती गई लापरवाही के विरोध में विद्यार्थियों ने डिग्री कॉलेज चौराहे पर नारेबाजी कर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार ने समझा बुझाकर जाम खुलवाया। तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर छात्रवृत्ति दिलाने की मांग की गई।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यालय पर शनिवार को उपाधि महाविद्यालय के तमाम विद्यार्थी एकत्र हुए। कार्यालय से नारेबाजी करते हुए विद्यार्थी डिग्री कॉलेज पहुंचे और जाम लगा दिया। मुख्य मार्ग होने चलते ही टनकपुर हाइवे पर मिनटों में ही वाहनों की लंबी कतार लग गई। जिला संयोजक जीतू सूर्या ने कहा कि उपाधि महाविद्यालय प्रशासन पूरी तरह के मनमानी पर उतरा हुआ है। लापरवाही के चलते ही विद्यार्थियों को इस बार छात्रवृत्ति नहीं मिल सकी, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर मंत्री अजय लोधी ने कहा कि यदि जल्द ही विद्यार्थियों के खातों में धनराशि नहीं भेजी गई तो मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी। इस बीच जाम की सूचना सिटी मजिस्ट्रेट को दी गई। सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर तहसीलदार इंद्रकांत द्विवेदी मौके पर पहुंचे और उन्होंने विद्यार्थियों की समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्हें सिटी मजिस्ट्रेट को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें कहा गया कि महाविद्यालय प्रशासन द्वारा लापरवाही के चलते छात्रवृत्ति के फार्मों को शासन तक नहीं भेजा गया। ज्ञापन में छात्रवृत्ति दिलाने व शिक्षाशास्त्र के प्रपत्र नि:शुल्क दिलाने की मांग की। जाम समाप्त करने के बाद विद्यार्थी महाविद्यालय गेट पर पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित विद्यार्थियों ने प्राचार्य की कार को भी गेट से नहीं जाने दिया। जाम लगाने वालों में संगठन मंत्री दीपक कुमार, रोहित कुमार, अजय कुमार, सागर वशिष्ठ, मनीष चौहान, सरस्वती, वीनस, निर्मला, जरीन, आशा, गंगा, प्रियंका आदि शामिल रहे।
यह है मामला
उपाधि महाविद्यालय के स्नातक और परास्नातक विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन किए थे। इन फार्मों की हार्डकॉपी को फारवर्ड करने के बाद समाज कल्याण भेजा जाना था।
उस दौरान सर्वर डाउन होने से समस्या पैदा हुई है। फिलहाल मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। लापरवाही किस स्तर पर हुई इसकी जांच कराई जाएगी।
- डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, प्राचार्य, उपाधि महाविद्यालय