पीलीभीत। धान खरीद में किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो और उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिल सके, इसके लिए जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी आलोक कुमार ने पीलीभीत मंडी परिसर में संचालित धान क्रय केंद्रों और रूपपुर कमालू स्थित केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नमी मापक यंत्र से धान की जांच कराई और टोकन, वेटिंग, बोरा रजिस्टर के साथ क्रय पंजिका का जायजा लिया। केंद्र प्रभारियों को निर्धारित दैनिक लक्ष्य के अनुरूप खरीद करने और किसानों की उपज की मानक के अनुसार तौल सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। धान खरीद में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने केंद्रों पर चल रही खरीद प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने तौल कराने आए किसान से भी बातचीत कर व्यवस्थाओं के बारे में पूछा। अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान बिक्री के लिए केंद्र पर पहुंचने वाले किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
उन्होंने केंद्र प्रभारियों को प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुसार धान खरीदने के निर्देश दिए। खरीद प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल उच्च अधिकारियों को अवगत कराने को कहा, ताकि उसका समय रहते समाधान कराया जा सके। जिला खाद्य विपणन अधिकारी प्रज्ञा शर्मा को भी निर्देशित किया कि किसानों के धान की खरीद निर्धारित मानकों के अनुरूप कराई जाए।
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धान खरीद के लिए 13 नोडल अधिकारी को किया गया नामित
-धान खरीद को पारदर्शिता से कराए जाने के लिए 13 नोडल अधिकारियों को नामित किया गया है। एडीएम प्रसून द्विवेदी ने बताया कि पीलीभीत मंडी समिति के लिए समाज कल्याण अधिकारी सुमित यादव, सदर में उपजिलाधिकारी पवन कुमार सिंह, पीलीभीत में नरेंद्र पाल, मरौरी खंड विकास अधिकारी वेदप्रकाश, अमरिया में खंड विकास अधिकारी दिनेश सिंह, बीसलपुर में खंड विकास अधिकारी सर्वेश कुमार, बीसलपुर लाल सिंह यादव, जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव, पीडी पवन कुमार सिंह, पूरनपुर राजकुमार बैठा सहित 13 लोगों को नामित किया गया है।