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Pilibhit News: आठ वर्षों से शोपीस बनी स्ट्रीट लाइटें, अंधेरे में हादसे का डर

Mon, 10 Feb 2025 12:49 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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गजरौला कस्बे में सड़क पर बंद पड़ी लाइटे।संवाद - फोटो : mathura
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गजरौला। पीलीभीत-पूरनपुर हाईवे पर गजरौला कस्बे में लगी स्ट्रीट लाइटें करीब आठ वर्षों से शोपीस बनी हुईं हैं। शाम होते ही हाईवे पर अंधेरा हो जाता है। दुकानों के बाहर लगी लाइट और वाहनों की हेडलाइट के सहारे लोगोंं का आवागमन होता है। इससे हादसे का डर बना रहता है। प्रकाश व्यवस्था सही न होने से कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं।
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पीलीभीत नेशनल हाईवे 730 पर गजरौला कस्बे में वर्ष 2016-17 में हाईवे का चौड़ीकरण कर डिवाइडर बनाया गया। डिवाइडर बनाने के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से 50 से अधिक स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं थीं। इन लाइटों से हाईवे और कस्बे की प्रकाश व्यवस्था अब तक मुकम्मल नहीं हो सकी है। शाम होते ही अंधेरा छा जाता है।
अंधेरे के चलते डिवाइडर से टकराकर अक्सर लोग चोटिल हो जाते हैं। कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। सबसे अधिक खतरा कोहरे के समय रात में होता है। कस्बा वासियों ने कई बार संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराने मांग की थी। हालांकि, अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
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स्ट्रीट लाइटें लगा दी, कनेक्शन अब तक नहीं
स्ट्रीट लाइटों के शोपीस बने होने का कारण बिजली कनेक्शन न होना बताया जा रहा है। विभाग ने लाइटों पर तो लाखों रुपये खर्च कर दिए, लेकिन कनेक्शन कराने में गंभीरता नहीं बरती। लोक निर्माण विभाग के एई विजय सिंह ने बताया कि कनेक्शन के लिए विद्युत निगम को 73 हजार रुपये दिए गए हैं। अब बिजली विभाग की जिम्मेदारी है कि जल्दी कनेक्शन करे। इस बारे में विद्युत निगम से बात भी की जाएगी।





आठ साल से कस्बे के हाईवे पर लगी स्ट्रीट लाइटें शोपीस बनी हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। रात में अंधेरा होने से हादसे हो रहे हैं। कोहरे में अधिक परेशानी होती है। - बलदेव सिंह, गजरौला

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सालों से स्ट्रीट लाइटें खराब है। एनएच के अधिकारियों को इस संबंध में कई बार अवगत कराया गया, लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं हो सका। इससे रात को हादसों का खतरा बना रहता है। - दुर्वेश गुप्ता, गजरौला

गजरौला कस्बे में सड़क पर बंद पड़ी लाइटे।संवाद- फोटो : mathura

गजरौला कस्बे में सड़क पर बंद पड़ी लाइटे।संवाद- फोटो : mathura

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