फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देशनगर गौड़ी में पथराव का मामलाः दोनों पक्षों के 64 लोग पांच-पांच लाख के मुचलके से होंगे पाबंद

विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। धर्मस्थल बनाने के शक में मोहल्ला देशनगर गौड़ी में हुए सांप्रदायिक विवाद और पथराव के मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। इलाके में तनाव को देखते हुए दोनों ओर से 64 लोगों को पांच-पांच लाख के मुचलके से पाबंद किया जाएगा। सभी को सूचीबद्ध करने के बाद नोटिस निकलवाए जा रहे हैं।
विज्ञापन

मोहल्ला देशनगर गौड़ी निवासी कुलदीप यादव के मकान के बाहर दीवार निर्माण कराए जाने के बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने बृहस्पतिवार को धर्मस्थल बनाने के शक में विरोध करते हुए पथराव कर दिया था। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने सख्ती कर भीड़ को खदेड़ा था। कुलदीप यादव से मिली तहरीर पर पुलिस ने 18 लोगों पर संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। इसमें नामजद चार महिलाएं शम्मो, शबाना, चंदा और शहनाज को एक दिन पूर्व जेल भेजा गया था। मिश्रित आबादी क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद से तनाव के हालात हैं। पुलिस ने सुरागरसी करने के बाद दोनों पक्षों के 32-32 लोगों को चिह्नित किया है। इन सभी को पांच-पांच लाख रुपए के मुचलके से पाबंद कराया जाएगा। इन्हें सूचीबद्ध करके रिपोर्ट प्रशासनिक अधिकारियों को भेज दी गई है। नोटिस मिलते ही पुलिस इसे सख्ती कर तामील कराएगी। फिलहाल घटना के तीसरे दिन शनिवार को भी इलाके में पुलिस बल की तैनाती रही। कहीं भी भीड़ को बेवजह जमा नहीं होने दिया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बबाल के वीडियो
देशनगर गौड़ी में हुए विवाद को लेकर एक तरफ पुलिस सख्ती कर माहौल पूरी तरह से शांत करने में जुटी है। वहीं इससे जुड़े तमाम वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे हैं। एक वीडियो में पथराव करते लोग दिखाई दे रहे हैं। दूसरे वीडियो में कुलदीप यादव के मकान के बाहर की दीवार की ईंटें दूसरे पक्ष के लोग तोड़ रहे हैं। इसका विरोध करने पर साथियों के साथ हंगामा किया जा रहा है। पुलिस भी इन्हीं वीडियो की मदद से खुराफात करने वालों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
विज्ञापन

मुचलका पाबंद करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें दी गईं, मगर कोई घर पर नहीं मिला। गिरफ्तारी का लगातार प्रयास किया जा रहा है। - श्रीकांत द्विवेदी, कोतवाल
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें