साठा धान की रोपाई पर प्रतिबंध न लगने के विरोध में किसानों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने क्षेत्र में साठा धान किसी कीमत पर न होने देने की चेतावनी देने के साथ इसकी रोपाई पर पूरी तरह पाबंदी लगवाने की मांग की।
क्षेत्र में गन्ना, लाही की फसल से खाली खेतों में कुछ किसानों ने साठा धान की रोपाई शुरू कर दी। इसके विरोध में गांव सिकराना में एक स्थान पर एकत्र हुए किसानों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि साठा धान से भूमि की उर्वरा शक्ति समाप्त होती जा रही है। कीटों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इससे अगली फसलों को भी नुकसान होता है। साठा धान में अधिक कीटनाशक के अलावा सिंचाई की अधिक जरुरत पड़ती है। सिंचाई को अधिक पानी की खपत होने पर जलस्तर नीचे खिसकता जा रहा है। इसके बाद राइस मिलर्स किसानों का शोषण कर औने पौने दामों में धान की खरीद करते है। साठा धान को किसी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से साठा धान की रोपाई पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में जसवंत ङ्क्षसह, राधेश्याम, रामसरन, वीरपाल, देवेंद्र यादव, सुरेश यादव, रामपाल, मुख्त्यार सिंह, सुनील कुमार आदि किसान शामिल रहे।