सुबह उन्होंने अधिकारियों के साथ टाइगर रिजर्व में प्रस्तावित कार्यों पर चर्चा की और महोफ जंगल में उत्तराखंड सीमा का निरीक्षण किया।
वन राज्यमंत्री तीन दिवसीय दौरे पर मंगलवार शाम टाइगर रिजर्व के मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस पहुंचे। यहां रात को अधिकारियों के साथ वह जंगल में घूमे, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी उन्हें टाइगर देखने को नहीं मिला। सोमवार को सुबह उन्होंने वन संरक्षक वीके चौपड़ा, डीएफओ कैलाश प्रकाश, एसडीओ डीपी सिंह एवं अन्य अधिकारियों के साथ टाइगर रिजर्व में प्रस्तावित कार्यों की चर्चा की। इसके बाद वह महोफ रेंज पहुंचे और इस रेंज की उत्तराखंड से सटी सीमा का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया टाइगर रिजर्व बनने के बाद यहां इसको पूर्णरूप से विकसित करने को कई काम कराए जाने हैं। इसमें कुछ को प्राथमिकता के आधार पर जल्द शुरू कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया एनटीसीए से बजट मिलने के अलावा राज्य सरकार भी इसके विकास के लिए बजट उपलब्ध कराएगी। दोपहर को चूका स्पाट में आराम करने के बाद वह माला गेस्ट हाउस पहुंचे। माला रेंज का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। बुधवार रात वह अधिकारियों के साथ माला जंगल क्षेत्र में भ्रमण कर वन्यजीवों की स्थिति देखेंगे। वन राज्यमंत्री के दौरे को वन अधिकारियों ने पहले ही व्यवस्थाएं चाक चौबंद कर रखी हैं और पूरा वन महकमा अलर्ट है।