जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवा का बुरा हाल है। टीकाकरण न होने के कारण इलाके की बकरियों में पीपीआर नामक महामारी जैसी बीमारी फैलती जा रही है। खास बात यह है कि सूचना के बाद भी विभागीय अधिकारी व चिकित्सक कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस बीमारी के चलते तमाम बकरी पालकों की बकरियां असमय काल के गाल में समा चुकी हैं।
करीब 50 हजार से अधिक आबादी वाले ट्रांस शारदा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आर्थिक रूप से कमजोर तमाम लोग बकरी पालन का कार्य करते हैं। गांव सिद्धनगर निवासी एवं पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य ग्यासुद्दीन खां ने बताया कि बार्डर डेवलपमेंट योजना के तहत उन्होंने 10 बकरी व एक बकरा कई माह पहले पाला। उन्होंने बताया कि पिछले 20 दिनों से उनकी बकरियां एक-एक कर बीमारी से मरती जा रही हैं। इसकी सूचना हर बार गांधी नगर स्थित पशु चिकित्सक डा. सौरभ सिंह को दी जाती रही है। इस पर एक बार वह स्वयं तथा एक बार वहां तैनात एक अन्य कर्मचारी ने गांव पहुंच बाजार से दवा मंगवाकर टीकाकरण भी किया, लेकिन अभी तक बकरियों के मरने का क्रम थमा नहीं है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को उनकी दो और बकरी बीमार हो गई। सूचना के दो दिन बाद भी कोई चिकित्सक गांव उपचार को नहीं पहुंचा। इसके चलते एक बकरी की शनिवार को मौत हो गई। उन्होंने बताया कि अब तक दो बकरी के बच्चे व चार बकरियां मर चुकी हैं। ग्यासुद्दीन ने बताया कि पशु चिकित्सालय गांधी नगर पर तैनात एक स्टाफ का कहना था कि बकरियों में इन दिनों पीपीआर बीमारी फैली हुई है जो महामारी जैसी होती है। चिकित्सक का कहना है कि जिला मुख्यालय से इस बीमारी की रोकथाम के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले टीके पिछले कई माह से नहीं मिले हैं। जिसके चलते पशुओं को नहीं लगाया जा सका है। ग्यासुद्दीन का आरोप है कि सूचना के बाद भी चिकित्सक बकरियों का पोस्टमार्टम करने नहीं आते हैं। उन्होंने इसकी शिकायत डीएम को भी एसएमएस भेज कर की है।
आठ साल से नहीं पशुधन प्रसार अधिकारी
ट्रांस शारदा क्षेत्र के करीब 30 किमी क्षेत्र में बसे ट्रांस शारदा क्षेत्र के गांधी नगर में एक मात्र पशु चिकित्सालय है। जिसे ध्यान में रखते हुए काफी पहले इलाके के मध्यगांव सिद्धनगर में एक पशु सेवा केंद्र बनाया गया था। वहां एक पशुधन प्रसार अधिकारी की नियुक्ति रहती थी, लेकिन पिछले आठ सालों से इस पशुसेवा केंद्र पर कोई पशुधन प्रसार अधि
ट्रांस क्षेत्र में बकरियों में फैली बीमारी की जानकारी मिली है। जल्द ही वहां टीकाकरण की औषधि भेज बकरियों में टीकाकरण कराया जाएगा। पशु चिकित्सालय पर तैनात चिकित्सक अगर वहां नियमित नहीं रहते हैं तो उसकी भी जांच करा कार्रवाई की जाएगी।
डॉ.ज्ञान प्रकाश सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारीकारी तैनात नहीं हो सका है। इसके चलते भी पशु पालकों को खासी दिक्कत होती है।