करिश्मा आठ जनवरी को बरेली जंक्शन से अपने दोस्त बदायूं निवासी शिवम कटियार के घर चली गई थी। यहां से शिवम के पिता उसे फर्रुखाबाद के भोलेपुर स्थित शिवम के बहनोई के घर ले गए थे। पीलीभीत पुलिस ने करिश्मा को फर्रुखाबाद से बरामद कर 13 जनवरी को जीआरपी बरेली के सुपुर्द कर दिया था। पीलीभीत पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में करिश्मा ने शिवम के घर स्वेच्छा से जाने की बात कही थी। सूत्र बताते हैं कि जीआरपी बरेली से भी करिश्मा ने स्वेच्छा से दोस्त के घर जाने की बात कही, जिसके बाद जीआरपी ने करिश्मा को उसके परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया था। परिवार वाले करिश्मा को रात में ही लेकर घर आ गए थे।
करिश्मा की बड़ी बहन कीर्ति ने बताया कि करिश्मा ने मंगलवार को पीलीभीत पुलिस के सामने परिवार वालों के लिए जो कुछ कहा था, उसका उसे अफसोस है। इसके लिए करिश्मा बुधवार को कई बार रोई। कहा कि वह बहक गई थी। करिश्मा के पिता व भाई ने बताया कि परिवार के लोग पहले भी उसका ख्याल रखते थे। भाई का कहना है कि करिश्मा अभी 17 साल की है। बहकावे में आकर उसने यह कदम उठा लिया था। अभी वह डिप्रेशन में है। सामान्य होने पर उसे समझाया जाएगा।