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बेटा अब और नहीं सही जाती तकलीफ!                             

Sun, 16 Jul 2017 10:27 PM IST
पीलीभीत।
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बेटा अब और नहीं सही जाती तकलीफ!                              - फोटो : बेटा अब और नहीं सही जाती तकलीफ!                             
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काफी समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे सुखलाल इलाज कराने के साथ-साथ अंदर ही अंदर टूट चुके थे। बीमारी का दर्द उनकी सहन क्षमता से अधिक होता चला गया था। यही कारण रहा कि उन्होंने आत्महत्या करने का मन बना लिया। एक रात पहले ही दिल्ली से लौटने पर उन्होंने बेटे से अपना दुख जाहिर भी किया था। जिस पर बेटे ने सब ठीक होने का भरोसा दिलाते हुए ढांढस बंधाया था।               सुखलाल की गिनती जिले के व्यवहार कुशल व ईमानदार राजनेताओं में की जाती थी। राजनीति उनको विरासत में मिली थी। पिता किशनलाल बरखेड़ा विधान सभा सीट से सात बार विधायक रहे थे। उनके निधन  के बाद इलाहाबाद बैंक की नौकरी छोड़कर सुखलाल ने राजनीति की दुनिया में कदम रखा था। 2007 के विधानसभा चुनाव में जिले की बरखेड़ा विधानसभा सीट से 2007 मेें विधायक चुने गए। इसके बाद 2012 के चुनाव में पूरनपुर से विधानसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा। जिसमें उनकी हार हो गई। हाल ही में 2017 विधानसभा चुनाव में भी उनके मैदान में होने की उम्मीद उस वक्त बढ़ गई थी, जब समाजवादी पार्टी में चल रही आपसी कलह के दौरान शिवपाल यादव की जारी की गई सूची में उनका नाम पूरनपुर विधान सभा से उम्मीदवार के तौर पर सामने आया। हालांकि बाद में अखिलेश की सूची को ही प्राथमिकता मिलने पर वह चुनाव में नहीं आए। उधर निजी जीवन में बीमारी ने उनको घेर रखा था। जिसको लेकर दिल्ली के अपोलो अस्पताल में इलाज कराते रहे। उनके पांच बच्चे हैं। बेटा ध्रुव  (22) सबसे छोटा है। चार में से तीन बेटी मिनी सिंह, रिद्धि सिंह और सिद्ध सिंह की शादी हो चुकी है। एक बेटी निधि अविवाहित है। अब अचानक उनकी मौत से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है। पत्नी व बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा है।   
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कागजात आने में देरी पर भड़के परिवारीजन, हंगामा                  
पूर्व विधायक का शव पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचने के दो घंटे बाद तक परिवार वाले डॉक्टर और पुलिस के कागजात आने का इंतजार करते रहे,  लेकिन न तो पोस्टमार्टम हाउस पर कोई स्वास्थ्य कर्मचारी पहुंचा, न ही पुलिस के पीएम संबंधी कागजात आए। इस बीच एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। इस पर  दो घंटा से परेशान हो रहे परिवारीजनों व अन्य लोग गुस्सा गए। इस पर अधिकारियों ने डॉक्टरों से बात की, इसके बाद भी डॉक्टर व कागजात काफी देर बाद पहुंचे। पूर्व विधायक का शव बंद पोस्टमार्टम हाउस के बाहर रखा रहा। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष धीरेंद्र मिश्र आदि ने इस लापरवाही पर अफसरों से नाराजगी जताई। खास बात रही कि मामला पूर्व विधायक से जुड़ा होने के बाद भी सुनगढ़ी पुलिस ने लापरवाह बरती।
राजनीतिक अमले में दौड़ी शोक की लहर                  
पूर्व विधायक सुखलाल के आत्महत्या करने की खबर कुछ ही देर में पूरे जिले में फैल गई। जिसके बाद पूर्व विधायक वीके गुप्ता समेत कई राजनेता उनके आवास पर पहुंच गए। परिवारीजनों से जानकारी करने के साथ ही उनको दुखद घड़ी में ढांढस बंधाया। उधर सोशल साइट्स पर भी पूर्व विधायक को श्रृद्धांजलि दी जाती रही। बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा, बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत, पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने  भी पूर्व विधायक के निधन पर दुख व्यक्त किया है।                       
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पूर्व विधायक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम हाउस पर डॉक्टर और कागजात पहुंचने में देरी पर परिवारीजनों ने विरोध किया था, जिनको शांत करा दिया गया। उनके आत्महत्या करने के पीछे बीमारी को कारण बताया गया है।                  
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- धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी                  
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