पीलीभीत। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में नाबालिग की शादी के मामले में सोमवार को समाज कल्याण अधिकारी ने किशोरी के घर पहुंचकर अभिलेखों को चेक किया। बयान भी दर्ज किए।
सामूहिक विवाह योजना में नाबालिग के विवाह का मामला करीब पांच दिन पहले पकड़ में आया था। माधोटांडा क्षेत्र की किशोरी की मां ने कोतवाली में कुछ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम संजय कुमार सिंह ने जिला प्रोबेशन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी थी। वहीं समाज कल्याण विभाग को भी जांच करने के निर्देश दिए थे।
इधर स्कूल की टीसी के अनुसार लड़की के नाबालिग होने की पुष्टि हुई। सोमवार को जिला समाज कल्याण अधिकारी चंद्र मोहन विश्नोई ने किशोरी के घर जाकर जांच की। उन्होंने किशोरी की टीसी को देखा। जिसमें जन्मतिथि में दोहरी राइटिंग होने की संभावना जताई। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया प्रथम दृष्टया मामला संपत्ति विवाद का सामने आ रहा है। जिसके चलते किशोरी की कूटरचित दस्तावेजों से शादी करवा दी गई। जांच जारी है, फिलहाल अभी और कुछ नहीं कहा जा सकता।