पीलीभीत। बारिश के बाद गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है मगर, जिले में सर्पदंश के मामले बढ़ गए हैं। एक सप्ताह में जिले के छह लोग सर्पदंश के चलते जान गंवा चुके हैं। वहीं, जिला अस्पताल आने वाले पीड़ितों की संख्या भी बढ़ गई है। अस्पताल में हर रोज करीब आठ लोग एंटी स्नेक वेनम लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों के हैं।
बारिश के दौरान बिलों में पानी भरने से सांप सहित अन्य जीव बाहर निकल आते हैं। इस वजह से इस तरह के मामलों में तेजी आई है। शनिवार को हजारा थाने के गांव श्रीनगर निवासी तेज सिंह (70) को खेत पर काम करते समय सांप ने डस लिया। कई अन्य लोगों को भी सांप ने डसा। जिला अस्पताल में इन दिनों सर्पदंश के सबसे ज्यादा मामले ग्रामीण क्षेत्रों से आ रहे है। यहां प्रतिदिन आने वाले सात से आठ मरीजों में पांच से छह ग्रामीण क्षेत्रों के होते हैं।
सीएमओ डॉ. आलोक कुमार शर्मा ने बताया कि सांप के डसने पर कई लोग झाड़फूंक के चक्कर में पड़ जाते हैं। उनका अधिकांश समय इसमें निकल जाता है। ऐसे में अस्पताल पहुंचने तक जहर पूरी तरह जहर फैल जाता है और एंटी स्नेक वेनम प्रभाव नहीं डाल पाता। इस वजह से कई बार पीड़ित की मौत भी हो जाती है। सभी सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल में एंटी वैनम के इंजेक्शन हैं। पीड़ित जितनी जल्दी अस्पताल पहुंचे उतने ही उनके लिए फायदेमंद है।
सांप के डसने पर क्या करें
अगर किसी को सांप ने डस लिया है तो उस अंग पर कपड़ा बांध ले। झाड़-फूंक के चक्कर में पड़े बिना तत्काल ही नजदीक स्थित अस्पताल पहुंचकर एंटी स्नेक वेनम लगवाएं।